भिलाई/सूत्रों से प्राप्त जानकारी अनुसार इन दिनों केम्प क्षेत्र पीडीएस चावल का तस्करी का अड्डा बना हुआ है यहां पर पिछले कई वर्षों से चावल तस्करी धड़ल्ले से जारी है और खाद विभाग की भूमिका संदिग्ध है हर बार चावल तस्कर,खाद्य विभाग की मेहरबानी से बच जाते हैं और बेखौफ तस्करी का काम कर रहे हैं। चावल तस्करी का सरगना कैंप क्षेत्र का ही निवासी है जो कि किसी जमाने में किराना की छोटी सी दुकान चलाया करता था लेकिन आज देखते-ही-देखते करोड़ों का मालिक बन बैठा है और बिना किसी डर-भय के तस्करी के काम को अंजाम दे रहा है। उक्त चावल तस्कर के भाजपा – कांग्रेस के सभी नेताओं के साथ मधुर संबंध है और सबसे बड़ी बात यह है कि जिसकी सरकार होती है उसका हो जाता है। एक तो,पुलिस प्रशासन को सीधी कार्रवाई करने का अधिकार नहीं है दूसरा,राजनीतिक संरक्षण भी आड़े आता है। ऐसे में पुलिस प्रशासन के पास कोई विकल्प नहीं बचता है किंतु जिनकी जिम्मेदारी है वह गांधारी बने बैठे हैं। खाद विभाग की जिम्मेदारी महत्वपूर्ण है क्योंकि जब भी कहीं गाड़ी पकड़ी जाती है तो खाद विभाग ही पीडीएस चावल की पुष्टि करने का अधिकार रखता है लेकिन विभागीय लोग केवल खानपूर्ति करके चलते बनते हैं जिसके चलते चावल तस्कर बच निकलते हैं। यहां पर यह कहना गलत नहीं होगा कि खाद विभाग की मिलीभगत के बिना चावल तस्करी संभव नहीं है