भिलाई/प्राप्त जानकारीनुसार वार्ड 33, संतोषी पारा नाला के ठीक सामने हाऊसिंग बोर्ड जाने वाले चौक पर खुले में मांस विक्रय किया जा रहा हैं जिस पर निगम प्रशासन को कार्यवाही करने में हाथ पैर फूल रहे हैं आखिर क्यों? यहां पर पिछले कई सालों से लगातार मांस विक्रय किया जा रहा हैं,जो लोग मांस का भक्षण नहीं करते हैं उनको अत्यधिक परेशानी हो रही हैं। ऊपर से मांस के टुकड़े ,हड्डियां इत्यादि खाने के लिए कुत्तों का जमावड़ा लगा रहता हैं,मांस विक्रेता जो भी अपशिष्ट निकलता हैं उसे सड़क किनारे फेंक देते हैं जिसको सूंघ कर अनेक कुत्ते खाने पहुंच जाते हैं और इस दौरान टुकड़े के लिए झगड़ने लगते हैं जो कि रोड पर ही झगड़ना शुरू कर देते हैं जिसकी वजह से आवागमन करने वालों को बहुत ज्यादा कष्ट का सामना करना पड़ता हैं। खासकर महिलाओं और बच्चों में हमेशा भय का माहौल बना रहता हैं क्योंकि कुत्तों का जमघट रहता हैं। खुले में मांस विक्रय प्रतिबंधित है इसके बावजूद सरेआम बिकना आश्चर्य का विषय है आखिर इन लोगों को किसका संरक्षण प्राप्त है खुले में मांस विक्रय करने से सार्वजनिक स्वास्थ्य ,पर्यावरण और समाज को कई गंभीर नुकसान होते हैं जिसमें प्रमुख रूप से बैक्टीरिया और वायरस का पनपना,फूड पाइजनिंग और बीमारियां,दुर्गंध और हवा का प्रदूषित होना,अवांछित जीव कीड़े तथा अपशिष्ट प्रबंध की समस्या आदि परेशानी होती हैं। इसके अलावा राहगीरों को असुविधा,धार्मिक और सांस्कृतिक भावनाएं आहत होती हैं। इन सब बातों को ध्यान में रखते हुए भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण( FSSAI) के नियमों और नगर निगम की गाइड लाइंस के तहत खुले में बिना लायसेंस मांस बेचना अवैध है इसके बाद भी खुलेआम मांस विक्रय हो रहा हैं तो निश्चित रूप से स्वास्थ्य विभाग पर उंगली उठना तय है। आमजनता की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर खुले में मांस विक्रय बंद होना चाहिए।
