भिलाई/सूत्रों से प्राप्त जानकारीनुसार मदर टेरेसा नगर जोन 03 में 2025 में पेयजल संकटग्रस्त स्थानों में अधोसंरचना पर्यावरण उपकर मद से बोर खनन कार्य हेतु अनेक वार्डो के लिए शासन द्वारा राशि स्वीकृत की गई थी जिसमें वार्ड 30 प्रगति नगर भी शामिल हैं। निगम के द्वारा जो सूची जारी की गई है उसमें स्पष्ट उल्लेख हैं कि बसंत टॉकीज के पीछे गैरेज लाइन में बोर खनन होना लिखा हैं लेकिन आप यहां पर जाकर देखेंगे तो पाएंगे कि एक गड्ढा तक नहीं खोदा गया है तो फिर सवाल यह उठता है कि पैसा गया तो गया कहां? खनन क्यों नहीं हुआ? जानकारीनुसार 07 वार्डो के लिए उक्त मद से नलकूप खोदने हेतु एक बड़ी राशि पास की गई जो कि आमजनता के द्वारा दी गई है, गाढ़े खून पसीने की कमाई का हिस्सा है जो टैक्स के रूप में सरकार को दिया जाता हैं ताकि विकास कार्य हो सके। जिसका उपयोग जनहित के लिए किया जाना चाहिए लेकिन यहां पर ऐसा होता दिखलाई नहीं पड़ रहा हैं। ऐसे में प्रश्न यह उठता है कि जो कि पैसे आमजनता की भलाई के लिए आए आखिर वो कहां गए? इसमें किन- किन लोगों ने षडयंत्र रचा हैं? हम सभी जानते हैं कि जल समस्या से सब जूझ रहे हैं और इसके कारण कई बार देखने को मिला हैं कि मारपीट तक की नौबत आ जाती हैं ऐसे में बोरिंग का अपना स्थान पर न होना अनेक संदेहों को जन्म दे रहा हैं तथा लोगों में इसको लेकर भारी आक्रोश व्याप्त हैं। क्या स्थानीय नागरिकों का पूछना गलत है जो कि अपने हक की बात कह रहे हैं,आखिर वो कौन लोग हैं जो उनके हिस्से का पानी,पैसा और बोर खा गए? क्या इसकी जांच नहीं होना चाहिए? आगामी समय में नगर निगम के चुनाव होने हैं ऐसे में सत्ताधारी दल से जनता सीधा सवाल-जवाब करेगी तब क्या होगा?
