भिलाई/सूत्रों से प्राप्त जानकारी अनुसार वार्ड 30,प्रगति नगर इन दिनों अवैध शराब,गांजा इत्यादि का अड्डा बना हुआ है यहां पर सरेआम अवैध पदार्थ का विक्रय और सेवन हो रहा है जिस पर स्थानीय जनप्रतिनिधि की चुप्पी लोगों में भारी आक्रोश पैदा कर रही है। यहां पर पिछले तीन-चार सालों से अवैध पदार्थ खासकर शराब और गांजा बिना किसी डर भय के बिक रहा है और जिसे पीकर असामाजिक तत्व वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। आप देखेंगे तो पाएंगे कि हर जगह आए दिन चाकू बाजी और कटरबाजी की घटनाएं घट रही है जिसमें अनेक दफा तो मृत्यु भी हो चुकी है इसके बावजूद अवैध पदार्थों की बिक्री बेधड़क जारी है जो की अनेक संदेहों को जन्म दे रही है। वार्ड 30,प्रगति नगर पूर्व में ऐसा नहीं हुआ करता था किंतु पिछले कुछ वर्षों से एकाएक अवैध पदार्थों और असामाजिक तत्वों की बाढ़ सी आ गई है आखिर इनको किसका राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है ? जनता सब समझ रही है किंतु डर के कारण खुलकर कुछ भी नहीं बोल पा रही है ऐसे में सवाल उठना लाजमी है और स्थानीय जनप्रतिनिधियों का खामोश रहना नागरिकों को सुई की तरह चुभ रहा है। जनता जब किसी जनप्रतिनिधि को चुनती है तो अपेक्षा रखती है कि वह सार्वजनिक समस्याओं के साथ-साथ सामाजिक बुराई पर भी प्रहार करेगा किंतु मौन धारण कर लेने पर आम जनता में गुस्सा पनप रहा है जो कि कभी भी विस्फोटक रूप ले सकता है। लोगों ने चर्चा के दौरान कहा कि लगभग पूरा वार्ड अवैध पदार्थ की चपेट में आ चुका है, असामाजिक तत्वों का बोलबाला है जिसके चलते स्थानीय नागरिक भयभीत हैं और अपना मुंह खोलने से डर रहे हैं यहां तक की पार्षद के घर से कुछ दूरी पर ही अवैध पदार्थ का विक्रय खुलेआम हो रहा है जब वह नहीं रोक पा रहे हैं तो हम लोग कैसे रोक पाएंगे?
