खाड़ी देशों (Gulf Region) और होर्मुज जलडमरू मध्य (Strait of Hormuz) में जारी तनाव के कारण वैश्विक तेल बाजारों में भारी उछाल आया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड ऑयल (Brent Crude) की कीमत उछलकर औसतन $94 प्रति बैरल पर पहुंच गई है, जो पिछले साल के मुकाबले 36% अधिक है।
असर: भारत अपनी तेल जरूरतों का 80% से अधिक हिस्सा आयात करता है। कच्चे तेल के इतने महंगे होने से देश का आयात बिल बढ़ेगा और मई-जून से घरेलू स्तर पर पेट्रोल, डीजल और लॉजिस्टिक्स (परिवहन) के खर्चों में बढ़ोतरी का सीधा असर आम आदमी की जेब और महंगाई पर दिखने लगा है।