भारत के केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने ड्रग्स रूल्स, 1945 में एक बड़ा संशोधन (Amendment) लागू किया है। इसके तहत पहले छोटे गांवों (1,000 से कम आबादी वाले) में कफ सिरप बिना कड़े रिटेल लाइसेंस के बेचने की जो छूट थी, उसे पूरी तरह खत्म कर दिया गया है।
वजह और असर: बच्चों की सेहत की सुरक्षा और कफ सिरप के बढ़ते गलत इस्तेमाल (Misuse) को रोकने के लिए अब देश के हर कोने में कफ सिरप केवल प्रमाणित और लाइसेंसशुदा फार्मेसी से ही खरीदी जा सकेगी। सेल्फ-मेडिकेशन (बिना डॉक्टर की सलाह के खुद दवा लेना) की आदत पर लगाम लगाने के लिए इसे एक बड़ा कदम माना जा रहा है।