संयुक्त राष्ट्र (UN) और विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) की जून 2026 की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, प्रशांत महासागर में ‘एल नीनो’ (El Niño) प्रभाव पूरी तरह सक्रिय हो चुका है। वैज्ञानिकों का कहना है कि इसके कारण साल 2026 और 2027 के शुरुआती महीने इतिहास के सबसे गर्म महीने साबित हो सकते हैं।
असर: इस बदलाव के कारण भारतीय उपमहाद्वीप (भारत), ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण-पूर्वी एशिया में भयंकर सूखे और हीटवेव (लू) का खतरा बढ़ गया है, जबकि अफ्रीका के कुछ हिस्सों और अमेरिका में अत्यधिक भारी बारिश और बाढ़ की आशंका है।