भिलाई/शिव सेना यूबीटी ने महामहिम राज्यपाल के नाम पर ज्ञापन सौंपा है जिसमें उल्लेख हैं कि छत्तीसगढ़ राज्य की मूलभूत समस्याओं जन असंतोष एवं कानून व्यवस्था के संबंध में शिवसेना यूबीटी, द्वारा ध्यान आकर्षण एवं स्मारक पत्र । महोदय,हम शिवसेना उद्धव ,बालासाहेब ठाकरे छत्तीसगढ़ इकाई के प्रदेश प्रमुख डॉ.आनंद सिंह मल्होत्रा के नेतृत्व में आज इस ज्ञापन के माध्यम से छत्तीसगढ़ राज्य की आम जनता को प्रभावित करने वाली गंभीर और मूलभूत समस्याओं की ओर आपका ध्यान आकर्षित करना चाहते हैं । छत्तीसगढ़ को अस्तित्व में आए ढाई दशक होने को है परंतु आज भी राज्य की बुनियादी व्यवस्थाएं चरमराई हुई है जनहित और राज्य के समग्र विकास को ध्यान में रखते हुए हम निम्नलिखित प्रमुख बिंदुओं पर आपके हस्तक्षेप की मांग करते हैं। 1. कानून व्यवस्था एवं बढ़ती आपराधिक गतिविधियां राज्य में पिछले कुछ समय से कानून व्यवस्था की स्थिति अत्यंत चिंताजनक हो गई है रायपुर राजधानी सहित प्रमुख शहरों में खुलेआम चाकू बाजी हत्याएं और गैगवार जैसी घटनाएं हो रही है इसके अलावा गांजा चरस अफीम और अन्य नशीले पदार्थों का अवैध कारोबार तेजी से बढ़ा है जिससे युवा पीढ़ी बर्बाद हो रही है इस पर प्रशासन की निष्क्रियता और उदासीनता अत्यंत दुर्भावपूर्ण है पुलिस प्रशासन को और अधिक मुस्तैद और राजनीतिक दबाव से मुक्त करने की आवश्यकता है 2. युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ छत्तीसगढ़ का युवा आज बेरोजगारी की मार झेल रहा है राज्य में सरकारी भर्तियों की प्रतिक्रिया या तो लंबे समय से लंबित है या उनमें घोटालों और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लग रहे हैं निजी फैक्ट्री और उद्योगों में स्थानीय युवाओं को 80% प्रतिशत प्राथमिकता देने के नियमों का खुलेआम उल्लंघन हो रहा है जबकि बाहर से लाए गए लोगों को रोजगार दिया जा रहा है 3. किसानों की दुर्दशा और खाद की किल्लत धान का कटोरा कहे जाने वाले छत्तीसगढ़ में किसान आज भी खाद बीज और बिजली की किल्लत से परेशान हैं सोसाइटियों में किसानों को समय पर खाद नहीं मिल रहा है और यदि मिल भी रहा है तो वह भारी मिलावट वाला और अमानक स्तर का होता है जिससे उनकी फसलें बर्बाद हो रही है। 4. स्वास्थ्य एवं शिक्षा व्यवस्था का निजीकरण ग्रामीण और आदिवासी अंचलों में स्वास्थ्य सेवाएं वेंटिलेटर पर है जिला अस्पतालों में योग्य डॉक्टरों चिकित्सा उपकरणों और जीवन रक्षक दवाओं का भारी अभाव है मजबूर होकर गरीबों को निजी अस्पतालों में लूटना पड़ रहा है। इसी प्रकार सरकारी स्कूलों की हालत जर्जर है जबकि निजी स्कूल मनमानी फीस वसूल कर अभिभावकों का शोषण कर रहे हैं । 5 आदिवासी अंचलों में बुनियादी सुविधाओं का अभाव बस्तर और सरगुजा संभाग के दूरस्थ क्षेत्रों में आज भी शुद्ध पेयजल पक्की सड़के और बिजली जैसी मौलिक सुविधाएं नहीं पहुंच पाई है। आदिवासी समाज के जल जंगल और जमीन के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए और बिना ग्राम सभा की सहमति के उनके क्षेत्रों के कथित दोहन को रोका जाना चाहिए। 6 बेटा बचाओ बेटा पढ़ाओ छत्तीसगढ़ में बेटा बचाओ बेटा पढ़ाओ अभियान चलाया जाए और पुलिस आयोग का गठन किया जाए जिससे पुरुषों के हितों की रक्षा हो सके शिवसेना यूबीटी की मांग महामहिम, हम आपसे विनम्र आग्रह करते हैं कि आप छत्तीसगढ़ सरकार को इन संवेदनशील और जनहित से जुड़े मुद्दे पर तत्काल प्रभाव से कड़े कदम उठाने के निर्देश दें। यदि इन समस्याओं का शीघ्र निराकरण नहीं किया गया तो शिवसेना यूबीटी प्रदेश की आम जनता के अधिकारों के लिए उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी। हम आशा करते हैं कि छत्तीसगढ़ के संवैधानिक प्रमुख होने के नाते आप राज्य की जनता के हितों की रक्षा करेंगे और न्याय सुनिश्चित करेंगे। धन्यवाद। उद्धव बालासाहेब ठाकरे प्रदेश प्रमुख डॉ.आनंद सिंह मल्होत्रा,प्रदेश उपाध्यक्ष सुरेन्द्र यादव, प्रदेश महासचिव संतोष पांडे,प्रदेश उपाध्यक्ष राहुल सिंह परिहार,प्रदेश प्रवक्ता समीर पाल,जिला अध्यक्ष प्रकाश यादव,युवा सेना जिला अध्यक्ष अक्षय पंडित भिलाई जिला अध्यक्ष राजू गुप्ता,मिलन साहू सरोज सेन उपस्थित थे।।
