भिलाई/आपको याद होगा कि चंद माह पश्चात ही भिलाई निगम के चुनाव होने वाले हैं जिसमें मुकाबला मुख्य रूप से कांग्रेस और भाजपा के बीच होगा क्योंकि अभी तक ऐसा ही होता आया है। चुनाव में गिनती के महीने बचे हैं और कांग्रेस एकजुट नजर नहीं आ रही हैं। शहर में केवल विधायक देवेंद्र यादव के समर्थक ही दिखलाई पड़ रहे हैं विधायक के समर्थकों का जोश अधिक दिखाई दे रहा हैं। ऐसे में यहां पर सवाल यह उठता है कि क्या कांग्रेस को जीत दिलवाना मात्र विधायक देवेंद्र यादव की जिम्मेदारी है बाकी केवल तमाशबीन बने रहेंगे। विधायक देवेंद्र यादव की लोकप्रियता का अंदाजा लगाना बेहद मुश्किल है अब वो प्रदेश के बड़े नेता बन चुके है, राष्ट्रीय नेता हैं । उनके पास समर्थकों का हुजूम है जो कि उनके एक इशारे पर कुछ भी कर सकते हैं,देवेंद्र यादव शुरू से ही जुझारू तथा आक्रामक राजनीति के परिचायक रहे हैं जो कि उनके लिए हमेशा सकारात्मक परिणाम देने वाला रहा हैं छात्र राजनीति से ही वो अपने समर्थकों को लेकर चल रहे हैं जिसके परिणामस्वरूप महापौर एवं विधायकी का चुनाव लगातार जीतते आ रहे हैं। वैसे तो उनके समर्थक पूरे छत्तीसगढ़ में हैं किंतु खासकर भिलाई नगर – वैशाली नगर विधानसभा में उनके समर्थक बहुतायत संख्या में रहते है जो कि प्रत्येक चुनाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं ऐसे में अगर विधायक की पसंद को नजअंदाज किया गया तो समर्थक नाराज हो सकते हैं। कहीं – न – कहीं संगठन एवं शीर्ष नेतृत्व को सामंजस्य बैठाना ही पड़ेगा अन्यथा कांग्रेस की किरकिरी हो सकती हैं। संभावना व्यक्त की जा रही हैं कि आगामी निगम चुनाव में विधायक समर्थकों को उतनी तव्वजों नहीं मिल पाएगी जितनी मिलनी चाहिए। इस स्थिति में कांग्रेस को नुकसान भी उठाना पड़ सकता हैं जो कि भाजपा को वॉकओवर देने जैसा होगा। विधायक देवेंद्र यादव को संतुष्ट करके ही नैया पार लग पाएगी, इस पर कांग्रेस संगठन को गंभीरतापूर्वक विचार करना होगा।
