भिलाई/प्राप्त जानकारीनुसार संत शिरोमणि गुरु रविदास जी की जयंती की बैठक को लेकर भाजपा जिलाध्यक्ष पुरुषोत्तम देवांगन और अनुसूचित जाति मोर्चा के अध्यक्ष खगेश कोसरिया के बीच फोन पर जो कथित तौर पर गरमा-गरमी हुई उसको लेकर शीर्ष नेतृत्व भाजपा जिलाध्यक्ष से भारी नाराज चल रहा हैं ऐसी खबरें आ रही हैं जिसके परिणामस्वरूप आगामी निगम चुनाव के बाद बदलाव किए जाने के अपुष्ट संकेत मिल रहे हैं। जानकारीनुसार संत शिरोमणि रविदास जी की जयंती 20 फरवरी को है जिसको लेकर बैठक होनी थी जिसमें विधायकगण भी शामिल होने वाले थे। इसी बात को लेकर जिलाध्यक्ष ने खगेश कोसरिया को फोन पर वीआईपी इंतजाम करने का फरमान सुना दिया जिसमें श्री कोसरिया के द्वारा हाथ जोड़ कर निवेदन किया जा रहा हैं कि मेरी आर्थिक स्थिति अभी अच्छी नहीं है फिर भी मैं चाय नाश्ता करवा दूंगा लेकिन पुरुषोत्तम देवांगन अपनी जिद पर अड़े रहे और इस्तीफा लिख कर देने तक की धमकी दे डाली। इस कथित ऑडियो में पुरुषोत्तम देवांगन बोल है कि,जिला और सभी मंडलों के प्रशिक्षण में क्रमशः 15 लाख रुपए व 12 लाख रुपए खर्च करने की बात कह रहे हैं। ऐसे में सवाल यह उठता है कि, उन्होंने इतनी बड़ी रकम का प्रबंध कहां से किया तथा कैसे ? क्या उन्होंने यह पैसा अपने घर से लगाया? शहर में चर्चा यह भी है कि अनुसूचित जाति मोर्चा के अध्यक्ष खगेश कोसरिया के अपमान से उक्त वर्ग के लोग अत्यधिक गुस्सा हैं। उनका कहना हैं कि यह अनादर केवल श्री कोसरिया का नहीं है बल्कि अनुसूचित जाति वर्ग के लोगों का भी हैं जिसको लेकर अनुसूचित वर्ग के जन में भारी आक्रोश है। भाजपा ने कार्यक्रम तय किया है ताकि अनुसूचित जाति के अधिक-से-अधिक लोग पार्टी से जुड़े परंतु यहां पर उल्टा मोर्चा के अध्यक्ष की ही बेइज्जती हो गई इसका असर आगामी निगम चुनावों पर पड़ सकता हैं। सूत्र का कहना हैं कि इसकी शिकायत प्रदेश के उच्च नेतृत्व से की गई है और संभावना व्यक्त की जा रही है कि निगम चुनाव के पश्चात जिलाध्यक्ष पुरुषोत्तम देवांगन की विदाई हो सकती हैं। ( उक्त समाचार जन चर्चा पर आधारित हैं हम इसकी पुष्टि नहीं करते हैं)
