भिलाई/देश के जागरूक नागरिकों का आवाहन। देश के अंदर में राजनीतिक पार्टियों के द्वारा लोकतांत्रिक व्यवस्था में अपनी स्थिति को मजबूत करने के लिए पकड़ बनाने के लिए लोक लुभावना मुक्ति की रेवाड़ी मुफ्त में चावल अनाज पैसा देने का वादा और दिया जाना क्या देश के लिए हितकर है देश की जनता अगर आप इस बात पर अपनी सोच मजबूत नहीं करोगे हमारे भारत के नागरिक खासकर मै उन युवाओं को आवाहन करना चाहता हूं जो देश के प्रति श्रद्धा और विश्वास के साथ खड़ा होना चाहते हैं तो चाहे कोई भी राजनीतिक दल हो उनके द्वारा दी जाने वाली सब्सिडी हो या मुक्ति का उपहार हो उसका बहिष्कार करना और जमकर उसका विरोध करना उसके खिलाफ एक जन आंदोलन खड़ा करना जनता के हित में आगे आना होगा तभी देश का भविष्य सुरक्षित रह पाएगा हमारा देश आज इन मुक्त की लूट लूटवाने से कमजोर होते जा रहा है काम में व्यवधान पैदा हो रहा है देश का विकास मुफ्त में दी जाने वाले उपहार से नहीं बल्कि श्रम के बदले दिए जाने वाले मेहनत के बदले दिए जाने वाले रूपए से आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और विकास की दरें बढ़ेगी। मैं अपने देश की युवाओं से कहना चाहता हूं क्या आपको ऐसा लगता है की राजनीतिक पार्टियों के द्वारा दिए जाने वाला मुक्ति का उपहार हमारे देश के लिए हमारे प्रदेश के लिए हमारे सामाजिक उत्थान के लिए हितकर है आज जो बेरोजगारी बढ़ रही है नौजवान युवा अपनी शिक्षा प्राप्त करने के बावजूद रोजगार के लिए इधर से उधर भटक रहे हैं लेकिन उनका रोजगार देने के लिए सरकार के पास पैसे नहीं है देश के अंदर में लोगों को बांटा जा रहा है दो प्रकार की विधान पैदा किया जा रहे हैं एक को छूट एक को लूटऔर मुफ्त में लूटाने के लिए अपनी वोट बैंक बनाने के लिए देश का ही पैसा देश के अंदर गिने-चुने लोगों को चिन्हित करके लुटाया जा रहा है इस पर हमारे देश के नौजवान युवकों का देश की जागरूक जनता का जागना अति आवश्यक है मुक्त में दी जाने वाले उपहार का विरोध करना और बहिष्कार करना एक जन आंदोलन खड़ा करना आपका अधिकार है आओ हम सब मिलकर यह प्रतिज्ञा करें की मुक्ति के उपहार को बंद करना होगा इसके खिलाफ जनता को खड़ा होना होगा युवाओं को आगे आना होगा। उक्त बात गोकुलेश तिवारी ने अनौपचारिक रूप से चर्चा में कहा।
