भिलाई/अनौपचारिक चर्चा के दौरान भिलाईवासियों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि विगत दिनों जन्मदिन पार्टी के दौरान वार्ड 34,दुर्गा मंदिर के पास दो पक्षों में मारपीट हुई और मामला इतना बढ़ा की दोनों पास एक – दूसरे के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करवाने थाना छावनी पहुंच गए और वहां जमकर हंगामा बरपा। पुलिस केवल मूकदर्शक बनी खड़ी देखते रही इतिहास में यह पहली बार ऐसा हुआ की छावनी थाना परिसर के भीतर जमकर हंगामा हुआ और पुलिस केवल तमाशबीन बनी देखते रही यहां पर सवाल यह उठता है कि जब थाने के अंदर गाली – गलौज और धमकी – चमकी दी जा रही थी तो बाहर आम जनता का क्या होगा? क्या इस मामले में थाना प्रभारी पर कार्रवाई नहीं होनी चाहिए ? कानून व्यवस्था बनाए रखना उनका नैतिक जिम्मेदारी है। जब थाने के अंदर लायन आर्डर का पालन नहीं हो रहा है तो बाहर क्या होगा ? यह एक महत्वपूर्ण सवाल है जब इस प्रकार की घटना घटेगी तो निश्चित रूप से पुलिस विभाग पर प्रश्न उठना लाजिमी है और सबसे बड़ी बात यह है कि आने वाले समय में कहीं यह परंपरा ना बन जाए। ऐसे में पुलिस प्रशासन अपराधियों व अपराध पर कैसे लगाम लग पाएगा ? आपको याद होगा कि थाना प्रभारी के छावनी का प्रभार लेने के बाद से लगातार हालात बिगड़ते जा रहे हैं,चाकू बाजी की कई घटना घट चुकी है और हुल्लड़बाज लड़के सरेआम सड़कों पर अभी भी मजमा लगा रहे हैं वैसे में प्रश्न उठना जरूरी है। हम किसी भी पक्ष की तरफदारी नहीं कर रहे हैं किंतु सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि थाने के भीतर घुसकर हंगामा करने वाले लोगों के बीच क्या पुलिस प्रशासन का डर खत्म हो गया है ? थाने के भीतर पुलिसकर्मियों के सामने बिना किसी भय के हंगामा कर रहे हैं, उक्त घटना निश्चित रूप से किसी भी सभ्य समाज के लिए खतरे की घंटी है। यह मामला लोगों के बीच में जनचर्चा का विषय बना हुआ है। (उक्त खबर जनचर्चा पर आधारित है)