भिलाई/छत्तीसगढ़ के पूर्व राज्यमंत्री बदरुद्दीन कुरैशी ने, राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं कस्तूरबा गांधी के दूसरे पुत्र मणिलाल गांधी की जयंती पर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन l मणिलाल गांधी का संपूर्ण जीवन सत्य, अहिंसा, त्याग, सेवा और सामाजिक न्याय के आदर्शों को समर्पित रहा। 28 अक्टूबर 1892 को जन्मे मणिलाल गांधी ने अपने पिता महात्मा गांधी के विचारों को आगे बढ़ाते हुए दक्षिण अफ्रीका में भारतीय समुदाय के अधिकारों और समानता के लिए संघर्ष किया। उन्होंने पत्रकारिता के माध्यम से भी जनजागरण का कार्य किया तथा इंडियन ओपिनियन समाचार पत्र के संपादन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनका जीवन अन्याय और भेदभाव के विरुद्ध संघर्ष करने तथा मानवता की सेवा के लिए सदैव प्रेरणा देता रहेगा। स्वतंत्रता आंदोलन में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के नेतृत्व और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की ऐतिहासिक भूमिका को देश कभी भुला नहीं सकता। कांग्रेस ने स्वतंत्रता आंदोलन को जन-जन तक पहुंचाने और देशवासियों को एकजुट करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। मणिलाल गांधी ने भी गांधीवादी विचारों, सामाजिक समानता और मानवाधिकारों के लिए अपना जीवन समर्पित किया। उनकी जयंती हमें सत्य, अहिंसा, भाईचारे, धर्मनिरपेक्षता और सामाजिक सद्भाव के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है। उनके आदर्शों को अपनाना और एक न्यायपूर्ण, समतामूलक समाज के निर्माण में योगदान देना ही उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
