रायपुर/छत्तीसगढ़ में कांग्रेस और भाजपा से अलग राजनीतिक दलों, क्षेत्रीय संगठनों एवं जनआंदोलनों को साझा मुद्दों पर एकजुट करने और वैकल्पिक राजनीतिक मंच की संभावनाओं पर संवाद स्थापित करने की पहल की गई है। इस पहल में नवनीत चाँद, वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष, जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे), तथा बस्तर अधिकार मुक्ति मोर्चा से जुड़े नेतृत्व की भूमिका प्रदेश के क्षेत्रीय हितों, आदिवासी अधिकारों और जनसमस्याओं को साझा राजनीतिक विमर्श के केंद्र में लाने की है। नवनीत चाँद ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य गठन के बाद के 26 वर्षों में कांग्रेस और भाजपा के शासनकालों के दौरान किए गए चुनावी वादों, नीतियों और विकास के परिणामों का तथ्यात्मक मूल्यांकन आवश्यक है। प्रदेश की जनता को रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, जल-जंगल-जमीन और प्राकृतिक संसाधनों में न्यायसंगत भागीदारी जैसे मुद्दों पर ठोस जवाब और स्पष्ट कार्ययोजना मिलनी चाहिए। उन्होंने प्रस्ताव रखा कि कांग्रेस और भाजपा से अलग राजनीतिक दलों एवं क्षेत्रीय शक्तियों के बीच संवाद को आगे बढ़ाकर एक साझा न्यूनतम कार्यक्रम तैयार किया जाए, जिसमें स्थानीय युवाओं के रोजगार, किसानों-मजदूरों के हित, ग्रामसभा के अधिकार, आदिवासी समाज की अस्मिता, खनिज संपदा में स्थानीय भागीदारी और क्षेत्रीय असमानताओं को दूर करने के उपाय शामिल हों।
नवनीत चाँद के अनुसार, उनकी पहल का उद्देश्य केवल राजनीतिक दलों को एक मंच पर लाना नहीं, बल्कि विभिन्न संगठनों के बीच समन्वय स्थापित करना, साझा नीतिगत सहमति विकसित करना और जनता के प्रति जवाबदेह राजनीतिक विकल्प की दिशा में संवाद को आगे बढ़ाना है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि प्रस्तावित मंच किसी एक दल के वर्चस्व या विलय पर आधारित न होकर सभी सहभागी संगठनों की स्वतंत्रता, सम्मानजनक प्रतिनिधित्व और पारदर्शी निर्णय प्रक्रिया के सिद्धांतों पर विकसित होना चाहिए। बस्तर से सरगुजा और मैदानी क्षेत्रों तक जनता की वास्तविक समस्याओं को इसमें समान महत्व मिलना चाहिए। नवनीत चाँद ने कहा, “तीसरे राजनीतिक विकल्प की पहचान केवल कांग्रेस और भाजपा से अलग होने में नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की जनता के सवालों पर स्पष्ट नीति, साझा कार्यक्रम और जवाबदेही प्रस्तुत करने में होगी। मेरी प्राथमिकता है कि विभिन्न राजनीतिक शक्तियाँ पहले जनहित के मुद्दों पर सहमति बनाएँ और उसके बाद लोकतांत्रिक प्रक्रिया से आगे की राजनीतिक दिशा तय करें।” उन्होंने सभी सहभागी दलों एवं संगठनों से अपील की कि वे राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर प्रदेश के अधिकारों, रोजगार, सामाजिक न्याय और क्षेत्रीय विकास के सवालों पर सार्थक संवाद करें। उक्त जानकारी
नवनीत चाँद,वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष, जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे)
छत्तीसगढ़ ने दी।
