भिलाई/छत्तीसगढ़ के पूर्व राज्यमंत्री बदरुद्दीन कुरैशी ने, 21 अक्टूबर 1934 को कांग्रेस सोशलिस्ट पार्टी के गठन को भारतीय राजनीतिक इतिहास की एक महत्वपूर्ण घटना बताते हुए कहा कि इस पार्टी का गठन कांग्रेस के भीतर समाजवादी विचारधारा को मजबूत करने के उद्देश्य से किया गया था। इस ऐतिहासिक पहल में जयप्रकाश नारायण, आचार्य नरेंद्र देव और डॉ. राम मनोहर लोहिया जैसे प्रखर समाजवादी नेताओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इन नेताओं ने स्वतंत्रता आंदोलन के साथ-साथ देश में सामाजिक समानता, आर्थिक न्याय और शोषणमुक्त समाज की स्थापना के विचारों को आगे बढ़ाया। कांग्रेस सोशलिस्ट पार्टी ने भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन को नई वैचारिक दिशा देने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। इसके नेताओं ने किसानों, मजदूरों, गरीबों और वंचित वर्गों के अधिकारों की आवाज बुलंद की तथा समाज में समान अवसर और न्याय की स्थापना पर जोर दिया। 21 अक्टूबर का यह ऐतिहासिक अवसर हमें उन महान नेताओं के संघर्ष, विचारों और राष्ट्र निर्माण के प्रति समर्पण की याद दिलाता है। उनके आदर्श आज भी लोकतंत्र को मजबूत बनाने और समतामूलक समाज के निर्माण के लिए प्रेरणा देते हैं।
