भिलाई/छत्तीसगढ़ के पूर्व राज्य मंत्री बदरुद्दीन कुरैशी ने, महान स्वतंत्रता सेनानी शहीद अशफाकउल्ला खान की जयंती पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित l अशफाकउल्ला खान भारत के स्वतंत्रता संग्राम के महान क्रांतिकारी थे, जिन्होंने देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। उनका जन्म 22 अक्टूबर 1900 को उत्तर प्रदेश के शाहजहाँपुर में हुआ था। वे बचपन से ही देशभक्ति की भावना से ओतप्रोत थे और अंग्रेजी हुकूमत के विरुद्ध क्रांतिकारी गतिविधियों में सक्रिय रहे। काकोरी कांड में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही, जिसके कारण ब्रिटिश सरकार ने उन्हें गिरफ्तार कर मृत्युदंड दिया। 19 दिसंबर 1927 को फैजाबाद जेल में उन्हें फांसी दी गई। उनका अदम्य साहस, राष्ट्र के प्रति समर्पण और सर्वोच्च बलिदान भारतीय इतिहास में सदैव अमर रहेगा। शहीद अशफाकउल्ला खान और महान क्रांतिकारी पंडित राम प्रसाद बिस्मिल की मित्रता भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में हिंदू-मुस्लिम एकता और सांप्रदायिक सद्भाव की अनुपम मिसाल है। दोनों ने धर्म और मजहब से ऊपर उठकर मातृभूमि की स्वतंत्रता के लिए संघर्ष किया और अपने बलिदान से देशवासियों को एकता, भाईचारे तथा राष्ट्रप्रेम का संदेश दिया। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस सहित पूरा देश उनके त्याग, वीरता और देशभक्ति को सम्मानपूर्वक स्मरण करता है। उनकी जयंती हमें यह प्रेरणा देती है कि हम आपसी मतभेदों को भुलाकर देश की एकता, अखंडता और सामाजिक सौहार्द को मजबूत करें। शहीद अशफाकउल्ला खान का जीवन और बलिदान आने वाली पीढ़ियों को सदैव राष्ट्रसेवा और देशप्रेम के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करता रहेगा।
