भिलाई/छत्तीसगढ़ के पूर्व राज्यमंत्री बदरुद्दीन कुरैशी ने, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी एवं श्रीमती प्रियंका गांधी के साथ किए जा रहे कथित अमानवीय व्यवहार तथा कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर हो रही कार्रवाई की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में प्रत्येक नागरिक और जनप्रतिनिधि को अपनी बात रखने तथा शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज कराने का संवैधानिक अधिकार है। देश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं। मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया निष्पक्ष, पारदर्शी और लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप होनी चाहिए, ताकि किसी भी पात्र मतदाता का नाम सूची से अनुचित रूप से न हटे और किसी भी नागरिक के मतदान के अधिकार का हनन न हो। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी एवं प्रियंका गांधी सहित कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ सम्मानजनक व्यवहार किया जाना चाहिए तथा लोकतांत्रिक विरोध की आवाज को दबाने के बजाय उठाए गए सवालों का जवाब दिया जाना चाहिए। बदरुद्दीन कुरैशी ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार से मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया को लेकर उठ रही आपत्तियों पर पारदर्शिता के साथ जवाब देने और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि निर्वाचन प्रक्रिया की निष्पक्षता को लेकर उठ रहे सवालों का संतोषजनक समाधान नहीं होता है, तो मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तत्काल इस्तीफा देना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि “ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दो” की मांग लोकतांत्रिक जवाबदेही और निष्पक्ष निर्वाचन व्यवस्था की अपेक्षा से जुड़ी है। कांग्रेस पार्टी लोकतंत्र, संविधान और मताधिकार की रक्षा के लिए अपना संघर्ष जारी रखेगी तथा किसी भी प्रकार के अन्याय और लोकतांत्रिक अधिकारों के हनन के विरुद्ध आवाज बुलंद करती रहेगी।
