भिलाई/छत्तीसगढ़ के पूर्व राज्य मंत्री बदरुद्दीन कुरैशी ने, डॉक्टर खूबचंद बघेल का जन्म 19 जुलाई 1900 को रायपुर जिले के पथरी गांव में हुआ था । वह स्वतंत्रता सेनानी, समाज सुधारक, चिकित्सक, किसान नेता और छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान के प्रमुख प्रवर्तक थे । उन्होंने महात्मा गांधी के विचारों से प्रेरित होकर स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय भाग लिया तथा किसानों, ग्रामीण समाज और छत्तीसगढ़ी भाषा- संस्कृति के संरक्षण और विकास के लिए आजीवन कार्य किया। डॉ. बघेल ने सामाजिक समरसता, किसान हित और जनकल्याण को अपने जीवन का उद्देश्य बनाया । छत्तीसगढ़ के विकास क्षेत्रीय अस्मिता और लोक संस्कृति को सशक्त बनाने में उनके योगदान के कारण उन्हें राज्य के महान जन नायकों में गिना जाता है । उनका जीवन सेवा, त्याग, सामाजिक न्याय और राष्ट्रीय भक्ति का प्रेरणादायक उद्धरण है तथा उनकी जयंती प्रत्येक वर्ष 19 जुलाई को पूरे सम्मान के साथ मनाई जाती है। बदरुद्दीन कुरैशी ने, मंगल पांडे का जन्म 19 जुलाई 1827 को उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के नगवा गांव में हुआ था। वह ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी की 34वीं बंगाल नाटो इन्फेंट्री में सैनिक थे । वर्ष 1857 में एनफील्ड राइफल के कारतूसों में गाय और सूअर की चर्बी के उपयोग की खबर से सैनिकों में आक्रोश फैल गया । 29 मार्च 1857 को बैरकपुर छावनी में मंगल पांडे ने अंग्रेज अधिकारियों के विरुद्ध विद्रोह का बिगुल होगा जिसे 1857 की प्रथम स्वतंत्रता संग्राम की शुरुआत माना जाता है ।विद्रोह के बाद अंग्रेजों ने उन्हें गिरफ्तार कर 8 अप्रैल 1857 को फांसी दे दी । उनके बलिदान भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के लिए प्रेरणा बना और पूरे देश में अंग्रेजी शासन के विरुद्ध क्रांति की भावना को मजबूत किया । मंगल पांडे आज भी साहस, देशभक्ति और राष्ट्रीय के लिए सर्वोच्च बलिदान के प्रति के रूप में याद किए जाते हैं । उनकी जयंती पर हम सभी उनके आदर्शों का अनुसरण करने तथा एक सशक्त, समरस और प्रगतिशील भारत के निर्माण में अपने योगदान देने का संकल्प ले।
