भिलाई/आज ग्रामीणों ने मीडिया से रूबरू होकर कहा कि ग्राम पंचायत कुटेला भाटा के लगभग 17 परिवारों (100 से अधिक लोगों) के आशियाने पर इस समय गहरा संकट मंडरा रहा है। ये गरीब परिवार पिछले 60 वर्षों (लगभग दो पीढ़ियों) से इस जमीन पर शांतिपूर्वक निवास कर रहे हैं। बेहद संवेदनहीन रवैया अपनाते हुए प्रशासन ने माननीय हाई कोर्ट के स्टे आर्डर (स्थगन आदेश) के बावजूद इन परिवारों को बेदखली का नोटिस थमा दिया है।””शासकीय नियमों के तहत पट्टे और राजस्व शुल्क भुगतान की मांग””- संघर्ष समिति का कहना है कि ये परिवार कानून सम्मत तरीके से रहने के लिए तैयार हैं। यदि शासन इन गरीब भूमिहीनों को गरिमापूर्ण जीवन जीने और रहने हेतु शासकीय नियमों के तहत निर्धारित ‘आवास का अधिकार’ देते हुए प्रति परिवार 5 डिसमिल (लगभग 2100 वर्ग फीट) जमीन आबंटित करता है, तो ये सभी परिवार इसके लिए निर्धारित शासकीय राजस्व शुल्क (सरकारी टैक्स) भी नियमानुसार पटाने को पूरी तरह तैयार हैं। समिति का सवाल है कि जब जनता शासन को सहयोग करने और राजस्व देने को तैयार है, तो महज एक रसूखदार व्यक्ति दीपक ताराचंद साहू के निजी स्वार्थ के लिए 100 से अधिक गरीब लोगों को बेघर क्यों किया जा रहा है?””षड्यंत्र और फर्जीवाड़े का आरोप””- समिति का आरोप है कि भिलाई के एक रसूखदार और चुनाव हार चुके भाजपा नेता दीपक ताराचंद साहू अपनी अवैध कमाई से खरीदे गए फार्म हाउस को बचाने के लिए यह सारा षड्यंत्र रच रहे हैं।””क्या है मामला?””- IIT भिलाई के निर्माण के लिए भिलाई स्टील प्लांट (BSP) की जमीन और कुछ निजी जमीनों का अधिग्रहण किया गया था। उक्त नेता ने शासन के साथ एक कथित फर्जी MOU (सहमति पत्र) का सहारा लेकर अपने पीछे स्थित फार्म हाउस की जमीन के बदले मुख्य मार्ग (रोड) की कीमती जमीन हड़पने का खेल रचा है। इसी साजिश के तहत प्रशासन पिछले दिनों 17 घरों को ढहाने पहुंचा था, लेकिन स्थानीय निवासियों द्वारा कोर्ट का स्टे दिखाए जाने पर उन्हें कदम पीछे खींचने पड़े। अब प्रशासन कोर्ट के आदेशों की अवहेलना कर फिर से तोड़फोड़ की तैयारी में है। “”IIT की प्रतिष्ठा पर दाग लगाने की कोशिश””-
देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा स्थापित और उद्घाटित ‘IIT भिलाई’ आज देश के प्रतिष्ठित संस्थानों में गिना जाता है। इस संस्थान को भिलाई में लाने में पूर्व विधानसभा अध्यक्ष व पूर्व विधायक प्रेम प्रकाश पांडेय की मुख्य भूमिका रही है। चूंकि IIT कैंपस की यह जमीन कुटेला भाटा (अहिवारा विधानसभा) के अंतर्गत आती है, ऐसे में इस प्रतिष्ठित संस्थान के समीप जमीन कब्जाने का यह घिनौना खेल संस्थान और क्षेत्र दोनों की साख को बट्टा लगा रहा है।””आगामी चुनावों पर पड़ेगा सीधा असर (चेतावनी)””- नेताओं की इस हठधर्मिता और गरीबों को उजाड़ने की साजिश के खिलाफ क्षेत्र की जनता ने अब आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है। समिति ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि गरीबों के आशियाने छीने गए, तो इसका सीधा असर भिलाई नगर निगम सहित अन्य चार निगम चुनावों और आगामी विधानसभा चुनावों पर पड़ेगा। सत्ता पक्ष हो या विपक्ष, इस संवेदनहीन कार्रवाई का खामियाजा सभी राजनीतिक दलों को भुगतना पड़ेगा। जनता अपनी जमीन और अधिकारों की रक्षा के लिए हर प्रकार के प्रशासनिक और राजनीतिक दबाव का सामना करने के लिए पूरी तरह मुस्तैद है।
