भिलाई/छत्तीसगढ़ के पूर्व राज्य मंत्री बदरुद्दीन कुरैशी ने, देश आजाद होने के बाद मध्य प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री पंडित रविशंकर शुक्ला का जन्म 2 अगस्त 1877 सागर मध्यप्रदेश में हुआ। शुक्ल को छत्तीसगढ़ के प्रति चिंता थी इसलिए वह पंडित जवाहरलाल नेहर से जिद कर छत्तीसगढ़ में भिलाई स्टील प्लांट को बनाने के लिए जोर दिया गया वरन भिलाई स्टील प्लांट अन्य प्रांत में लगता। रविशंकर शुक्ल के अथक प्रयास से भिलाई स्टील प्लांट बना । उन्होंने छत्तीसगढ़ में लगाने के लिए पूरे जोर-शोर से कोशिश किया जिससे दल्ली-राजहरा का आयरन और के साथ-साथ छत्तीसगढ़ में एकता और भाईचारा प्रमुख रूप से हिंदुस्तान के अन्य राज्यों में ज्यादा महत्वपूर्ण राज्य होने के बात कहीं, ताकि सभी राज्य के लोगों को नौकरी दिया जा सके और वही हुआ । भिलाई स्टील प्लांट लगा तो हिंदुस्तान के सभी राज्यों के लोग नौकरी करने लगे और आज तक हर राज्य के, हर समुदाय के लोग नौकरी कर रहे हैं। यह रवि शंकर शुक्ल की देन है और विद्याचरण शुक्ल जिनका जन्म 2 अगस्त 1929, रायपुर में हुआ। विद्याचरण शुक्ल केंद्र में विभिन्न पदों में रहे हैं और उन्होंने छत्तीसगढ़ के विकास के लिए आवाज उठाते रहे । रविशंकर शुक्ल की तरह विद्याचरण शुक्ल भी छत्तीसगढ़ में भाईचारा कायम रखने के लिए उन्होंने ऐतिहासिक कदम उठाया । विकास के लिए मध्य प्रदेश में केंद्र से ज्यादा से ज्यादा वित्तीय सहायता दिलवाएं । विद्याचरण शुक्ल ने 9 बार लोकसभा चुनाव जीता और विदेश के सबसे युवा सांसदों में से एक थे। उन्होंने इंदिरा गांधी और पीवी नरसिम्हा राव की सरकारों में गृह रक्षा, वित्त, विदेश और अन्य सूचना एवं प्रसारण जैसे कई महत्वपूर्ण विभागों के केंद्रीय मंत्री के रूप में कार्य किया। मुख्य रूप से कांग्रेस से जुड़े रहने के बाद उन्होंने जनता दल और विद्वान मोर्चा जैसे अन्य दलों में भी काम किया। समाज और राष्ट्र के प्रति अपने दायित्व का निष्ठापूर्वक निर्वाह करने का संकल्प लिया।
