भिलाई/श्रीराम सेवा समिति के प्रो. सुधीर सिंह ने 29 मई को जोन 03 के निगम आयुक्त को एक पत्र लिखा हैं जिसमें उल्लेख हैं कि हुडको क्वार्टर स्थित सुलभ शौचालय बेहद जर्जर अवस्था में हैं, केयर टेकर रूम का छज्जा गिर गया है। बाथरूम एवं आगे का हिस्सा लटका हुआ हैं,कभी भी बड़ा हादसा हो सकता हैं,छाजन के ऊपर पानी टंकी रखा हुआ हैं जो कि कभी भी गिर सकता हैं, चेंबर पूरी तरह से खराब हो चुका हैं,चूहे प्रतिदिन चेंबर को खोद रहे हैं जिससे जाम हो जा रहा हैं,पूर्व में अगर चेंबर में पाईप डाला गया होता तो ऐसा नहीं होता पहले ही चेंबर को बनाते समय गलत तरीके से बनाया गया है। केयर टेकर रूम के ऊपर सीमेंट का पानी टंकी हैं वो टूट – टूट कर गिर रहा हैं कभी भी बड़ा हादसा हो सकता हैं। केयर टेकर रूम में ही पैनल बोर्ड लगा हुआ हैं जिसमें लोग मना करने के बावजूद जबरजस्ती घुस जाते हैं ऐसे में कभी भी कोई बड़ी दुर्घटना घट सकती हैं। इसके पूर्व भी मैं कई बार लेटर दे चुका हूं मगर आज तक संधारण कार्य नहीं किया गया है जिसकी वजह से केयर टेकर दहशत से अपने कमरे में नहीं रह पा रहा हैं जो कि निगम प्रशासन की सीधी – सीधी लापरवाही है। कल को कोई घटना घट जाएगी तो इसके लिए मैं जिम्मेदार नहीं हूं सारी जवाबदारी निगम प्रशासन की होगी। साथ -ही -साथ यह भी लिखा हैं कि सुलभ शौचालय की स्थिति को देखते हुए तत्काल बंद करवाए अन्यथा इसकी मरम्मत करवाए। इसके बाद भी निगम प्रशासन के अधिकारी धृतराष्ट्र बने बैठे हैं। यहां पर सवाल यह उठता है कि जब स्वयं ठेकेदार लिखित पत्र देकर समस्या की ओर ध्यान दिला रहा हैं तो फिर प्रशासन में बैठे लोगों ने कान में रूई क्यों ठूस ली है? सुलभ शौचालय जनता के उपयोग हेतु बनवाया गया है जिसका रोज सैकड़ों लोग उपयोग करते हैं। जब हर तरफ छज्जा टूटा हुआ हैं तो किसी के ऊपर कभी भी गिर सकता हैं ऐसे में हादसे से इंकार नहीं किया जा सकता हैं। जब भी कहीं कोई हादसा होता हैं तो बड़ी ही चालाकी से निगम के अधिकारी सारा दोष ठेकेदार के सिर पर डाल बच निकलते हैं लेकिन यहां पर ठेकेदार ने सारा ठीकरा अधिकारियों पर ही फोड़ दिया है। अब देखना यह हैं कि समय रहते संधारण करवाया जाता हैं अन्यथा निगम प्रशासन किसी बड़ी दुर्घटना के बाद कुंभकरणीय नींद से जागेगा।
