भिलाई/छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति को अपने अद्वितीय स्वर और अनुपम पंडवानी गायन के माध्यम से विश्व पटल पर प्रतिष्ठित करने वाली, पद्म विभूषण से सम्मानित सुप्रसिद्ध पंडवानी गायिका श्रीमती तीजन बाई के निधन का समाचार अत्यंत दुःखद एवं अपूरणीय क्षति है। तीजन बाई ने अपने जीवन को छत्तीसगढ़ की लोककला और संस्कृति के संरक्षण व संवर्धन के लिए समर्पित कर दिया। उन्होंने देश-विदेश के 1000 से अधिक मंचों पर पंडवानी की अविस्मरणीय प्रस्तुतियाँ देकर भारतीय लोककला को वैश्विक पहचान दिलाई।उनकी असाधारण कला साधना के लिए उन्हें वर्ष 1987 में पद्मश्री, 1995 में संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार, 2003 में पद्मभूषण तथा 2019 में देश के दूसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्मविभूषण से सम्मानित किया गया। उनका योगदान सदैव अमर रहेगा और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा। ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें तथा शोकाकुल परिजनों एवं उनके असंख्य प्रशंसकों को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।
