भिलाई/भिलाई के जोन 03, मदर टेरेसा नगर क्षेत्रांतर्गत विभिन्न कार्यों हेतु रूपए 630.50 लाख की राशि स्वीकृत की गई जिसमें जोन के सभी वार्डों में विकास कार्य होने थे जो कि वार्ड 30 भी इसमें शामिल हैं। सूत्रों का कहना हैं कि वीर सावरकर मार्केट आदि क्षेत्र के लिए 15 लाख रुपए स्वीकृत किए गए थे स्वीकृत राशि एक बड़ी राशि है जो बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए जारी हुई थी यह राशि संचालनालय नगरीय प्रशासन विकास छत्तीसगढ़ द्वारा पास की गई थी जिसमें मुख्य रूप से सड़क डामरीकरण,सीमेंटीकरण (सीसी रोड निर्माण),नाली निर्माण,पक्की नालियों का जाल बिछाना,जल निकासी,पेयजल व्यवस्था,संधारण कार्य और सार्वजनिक सुविधाएं शामिल हैं। शहीद वीर सावरकर मार्केट में आर. सी.सी. रोड निर्माण की बात लिखी हुई है आरसीसी रोड को प्रबलित सीमेंट कंक्रीट सड़क भी कहा जाता हैं जिसमें सीमेंट,रेत,गिट्टी और पानी के मिश्रण से बनने वाली सड़क बेहद मजबूत होती हैं जिसके अंदर लोहे या स्टील की छड़ों का जाल बिछाया जाता हैं। आरसीसी रोड के अंदर स्टील की छड़ें डाली जाती हैं जो इसे खिंचाव और भारी दबाव सहने की अतिरिक्त ताकत देती हैं। यह सड़क अत्यधिक मजबूत ,कम रख रखाव में ज्यादा चलने वाली होती हैं तथा इसकी उम्र भी लंबी होती हैं। लेकिन यहां पर तो न ही नाली निर्माण हुआ हैं और न ही सड़क सीमेंटीकरण का कोई अता – पता हैं। ज्ञात हो कि नोट शीट में साफ – साफ उल्लेख हैं कि शहीद वीर सावरकर मार्केट में आर. सी.सी. रोड का निर्माण कार्य होना है। निविदा दिनांक 09/01/26 हैं, जिसके लिए नगर निगम भिलाई के द्वारा कार्यादेश 22/01/26 जारी हुआ हैं किंतु समय सीमा बीत जाने के बावजूद कार्य प्रारंभ नहीं हुआ हैं जो कि अनेक संदेहों को जन्म दे रहा हैं जिसको लेकर स्थानीय नागरिकों में आक्रोश व्याप्त हैं। जब हमने मार्केट के लोगों से चर्चा की तो उन्होंने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि वार्ड पार्षद को आज तक हमने देखा नहीं है हमारे पार्षद को हम नहीं जानते, कौन हैं ? यहां पर पिछले कई वर्षों से कोई सड़क या नाली निर्माण नहीं हुआ हैं। पूर्व में जब मुख्य मार्ग बना था उस समय ही नाली निर्माण हुआ था जो कि आज तक चल रहा हैं। हम लोग अपना पैसा खर्चा करके आवागमन और जल निकासी की सुविधा करते हैं, सफाई भी खुद करवाते हैं। लोगों ने निगम आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय से मांग की हैं कि यहां पर जल्द से जल्द विकास कार्य होने चाहिए ताकि व्यापार बढ़ सके और सुविधाएं मिल सके।