दुर्ग/हज़रत सैय्यद बाबा अब्दुर्रहमान शाह काबुली रहमतुल्लाह अलैह की मजार परिसर, पुराना बस स्टैंड दुर्ग में छत्तीसगढ़ी महतारी रत्न सम्मान समारोह का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में विजय बघेल उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता अल्का वाघमर ने की।
विशिष्ट अतिथियों में डॉ. नवीन जैन (महाप्रबंधक उद्यानिकी विभाग, बीएसपी), प्रशांत भानु (एजीएम, बीएसपी), कैलाश बरमेचा (उद्योगपति), शेख एहफाज हुसैन (डायरेक्टर, बाबा रेडियम), अफजल हुसैन (अध्यक्ष, शाबान उर्स पाक कमेटी) तथा वरिष्ठ पत्रकार नसीम फारुकी शामिल रहे। कार्यक्रम का संचालन रऊफ कुरैशी, महासचिव सालाना उर्स कमेटी ने किया। समारोह के संरक्षण में मेहंदी भाई समनानी, हाजी साजिद बेग, साई म्यूजिक ग्रुप इंडिया दुर्ग के डायरेक्टर तथा संयोजक दुर्गा सिंह सेंगर रहे। प्रमुख सलाहकारों में जसविंदर सिंह, अनिल गुप्ता एवं सरोज दुबे की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
इस अवसर पर समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली महिलाओं एवं प्रतिभाओं को प्रतीक चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया गया। सांसद विजय बघेल ने भी अनेक सम्मानित प्रतिभाओं को सम्मान प्रदान किया। कार्यक्रम के दौरान आयोजन समिति द्वारा सांसद विजय बघेल को “छत्तीसगढ़ी महतारी रत्न सम्मान” से सम्मानित किया गया। अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में महापौर अल्का वाघमर ने कहा कि छत्तीसगढ़ी महतारी रत्न सम्मान समारोह का यह पांचवां वर्ष है। उन्होंने महिलाओं के बढ़ते आत्मविश्वास, स्वावलंबन और समाज में उनकी बढ़ती भागीदारी की सराहना करते हुए कहा कि आज महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी पहचान स्थापित कर रही हैं और परिवार की आर्थिक स्थिति को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
सांसद विजय बघेल ने अपने संबोधन में कहा कि यह कार्यक्रम समाज में संघर्ष कर सफलता प्राप्त करने वाली माताओं, बहनों एवं प्रतिभाओं के सम्मान का उत्कृष्ट माध्यम है। उन्होंने आयोजन समिति, विशेषकर आरिफ़ भाई एवं उनकी टीम की सराहना करते हुए कहा कि लगातार पांच वर्षों से इस तरह का गरिमामय आयोजन कर समाज को प्रेरणा देने का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मातृशक्ति का सम्मान करना उनके लिए गौरव और सौभाग्य की बात है।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक, समाजसेवी, पत्रकार, महिला प्रतिनिधि एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों के सदस्य उपस्थित रहे। समारोह सौहार्द, सम्मान और सामाजिक एकता के वातावरण में संपन्न हुआ।
