दुर्ग/कलेक्टर अभिजीत सिंह के मार्गदर्शन में कृषि विभाग द्वारा जिले में किसान भाईयों को उनकी आवश्यकता के अनुसार रासायनिक उर्वरक उपलब्ध कराने हेतु सतत् भंडारण एवं वितरण की कार्यवाही की जा रही है। जिले में खरीफ 2026 हेतु कुल 67880 मीट्रिक टन उर्वरक वितरण का लक्ष्य रखा गया है। वर्तमान में सहकारी एवं निजी क्षेत्र को मिलाकर जिले में 19842 मीट्रिक टन यूरिया, 3781 मीट्रिक टन डीएपी, 3331 मीट्रिक टन एनपीके, 5248 मीट्रिक टन एमओपी तथा 7187 मीट्रिक टन सिंगल सुपर फॉस्फेट कुल 39390 मीट्रिक टन उर्वरक भंडारण किया गया है एवं सेवा सहकारी समितियों एवं निजी विक्रेताओं के माध्यम से किसानों को लगातार उर्वरकों का वितरण किया जा रहा है। अब तक 7778 मीट्रिक टन यूरिया, 2416 मीट्रिक टन डीएपी, 2496 मीट्रिक टन एनपीके, 2521 मीट्रिक टन एमओपी तथा 4473 मीट्रिक टन सिंगल सुपर फॉस्फेट कुल 19683 मि.टन उर्वरक का वितरण किया जा चुका है तथा वर्तमान में जिले में 12064 मीट्रिक टन यूरिया, 1365 मीट्रिक टन डीएपी, 1026 मीट्रिक टन एनपीके, 2727 मीट्रिक टन एमओपी तथा 2714 मीट्रिक टन सिंगल सुपर फॉस्फेट कुल 19707 मि.टन उर्वरक शेष है। जिले में उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता है तथा किसी प्रकार की कमी की स्थिति नहीं है।
उप संचालक कृषि से प्राप्त जानकारी अनुसार जिले की सहकारी समितियों में धान एवं अन्य खरीफ फसलों के प्रमाणित बीजों का भण्डारण एवं वितरण सुचारू रूप से जारी है। वर्तमान में जिले के सहकारी संस्था के लिए 29827 क्वि. प्रमाणित बीज वितरण का लक्ष्य है। बीज निगम (सहकारी) एवं निजी संस्थाओं में 35758.35 क्वि. बीज की उपलब्धता है, एवं 29845.80 क्वि. बीज का भण्डारण किया गया है जिसमें से 19078.02 क्वि. बीज वितरण किया जा चुका है। सहकारी समितियों में केवल वही बीज भंडारण और वितरण के लिए भेजे जाते हैं जो पूर्णतः प्रमाणित होते हैं और प्रयोगशालाओं में गुणवत्ता परीक्षण में मानक स्तर के होते हैं। किसानों की मांग अनुरुप सरना के अलवा अन्य धान के किस्म महामया, स्वर्णा सब 1, विक्रम टीसीआर., एमटीयू- 1001, एमटीयू-1153, एमटीयू-1156 एवं अन्य किस्मों का भी सहकारी समितियों में भण्डारण किया गया है, साथ ही भण्डारण एवं वितरण कार्य जारी है। विभाग द्वारा नकली एंव घटिया खाद-बीज की बिक्री को रोकने के लिये उड़नदस्ता टीम का गठन किया गया है जो निजी विक्रेताओं और समितियों की निरंतर जांच कर रही है, ताकि कृषकों को गुणवत्ता युक्त बीज/उर्वरक उपलब्ध कराया जा सके। कृषि विभाग द्वारा किसान भाईयों से अपील की गई है कि वे किसी भी प्रकार की भ्रामक खबरों या अफवाहों पर ध्यान न दें। जिले की सहकारी समितियों में खाद एंव प्रमाणित बीज की कोई कमी नहीं है। किसान अपनी आवश्यकता अनुसार सुगमता से समितियों में जाकर खाद-बीज प्राप्त कर सकते है।
