भिलाई/छत्तीसगढ़ के पूर्व राज्य मंत्री बदरुद्दीन कुरैशी ने 24 मई को महान क्रांतिकारी सहित करतार सिंह सराभा की जयंती श्रद्धा एवं सम्मान के साथ मनाई जाती है । उनका जन्म 24 मई 1896 को पंजाब के लुधियाना जिले के सराभा गांव में हुआ था । वह कम आयु में ही देश की स्वतंत्रता के लिए समर्पित हो गए थे । विदेश में अध्ययन के दौरान वे भारत की गुलामी से अत्यंत व्यथित हुए और उन्होंने अंग्रेजी शासन के विरुद्ध संघर्ष का मार्ग चुना । वह गदर पार्टी के प्रमुख क्रांतिकारियों में शामिल रहे और भारतीय युवाओं में स्वतंत्रता की ललक जगाने का कार्य किया । करतार सिंह सराभा ने अपने साहस त्याग और राष्ट्रभक्ति से स्वतंत्रता आंदोलन को नई दिशा दी। मात्र 19 वर्ष की आयु में उन्होंने देश की आजादी के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दे दिया ।16 नवंबर 1915 को अंग्रेजों ने उन्हें फांसी दे दी लेकिन उनके बलिदान भारतीय इतिहास में अमर हो गया । शहीद भगत सिंह भी उन्हें अपना आदर्श मानते थे उनकी जयंती हमें देशभक्ति, साहस और राष्ट्र सेवा की प्रेरणा देती है।
