दुर्ग/छत्तीसगढ़ नगरीय क्षेत्रों के आवासहीन व्यक्तियों को पट्टाधृति अधिकार नियम 2023 के अंतर्गत सर्वे की कार्यवाही के संबंध में राज्य शासन से निर्देश मिलने के बाद जिले के सभी नगरीय निकायों में सर्वे की कार्यवाही की जा रही है। इस कार्य को चरणबद्ध तय सीमा में किए जाने के सम्बन्ध में गुरूवार, 05 नवम्बर को कलेक्टोरेट सभाकक्ष में कलेक्टर अभिजीत सिंह ने जिले से सभी नगरीय निकायों के नगर निगम कमिश्नर, सीएमओ तथा निकायवार नियुक्त प्राधिकृत अधिकारियों की बैठक लेकर सर्वे कार्य की समीक्षा की। 03 से 06 नवम्बर 2026 तक पट्टाधृति अधिकार नियम 2003 के तहत सर्वेक्षित परिवार/हितग्राहियों से नियम में उल्लेखित दस्तावेज प्राप्त कर पात्र/अपात्र व्यक्तियों की वार्डवार सूची तैयार करने, 07 से 10 नवम्बर 2026 तक तैयार किए गए पात्र, अपात्र व्यक्तियों की सूची का संबंधित वार्डों में प्रकाशन कर दावा आपत्ति प्राप्त करने तथा दिनांक 11 नवंबर को प्राप्त दावा आपत्तियां का निराकरण कर पात्र व्यक्तियों की सूची तैयार कर प्रस्तुत करने हेतु समय सीमा निर्धारित की गई है।
पट्टे के लिए पात्र व्यक्ति कौन होंगे इसके लिए छत्तीसगढ़ नगरीय क्षेत्रों के आवासहीन व्यक्ति को पट्टाधृति अधिकार अधिनियम 2023 के अनुसार ऐसे व्यक्ति जो छत्तीसगढ़ के स्थानीय निवासी प्रमाणपत्र प्राप्त करने की पात्रता रखता हो, जो आवासहीन हो, जो संबंधित नगरीय निकाय की मतदाता सूची में दर्ज हो, जिसके कुटुंब की वार्षिक आय 3.00 लाख से अधिक न हो, जिसके कुटुंब में कोई व्यक्ति केंद्र सरकार, राज्य सरकार या इनके उपक्रम की शासकीय सेवा में (चतुर्थ श्रेणी को छोड़कर) नहीं हो और न ही अधिवक्ता, इंजीनियर, डॉक्टर, चार्टड अकाउंटेंट जैसा व्यावसायिक सेवा में हो और न ही निर्वाचित जनप्रतिनिधि हो तथा जिसे या जिसके कुटुंब के किसी सदस्य को पूर्व में उसी नगरीय निकाय में कोई शासकीय भूमि आबंटित नहीं की गई हो, पात्र होंगे। यहाँ पर कुटुंब के अंतर्गत माता पिता, पति पत्नी,पुत्र, अविवाहित पुत्री एवं रक्त आधारित कोई नातेदार,जो आवासहीन व्यक्ति पर पूर्णतः आश्रित हो, शामिल होंगे। पट्टा के लिए पात्रता ऐसे व्यक्ति जो अधिनियम के अंतर्गत पात्रता रखते हो, नगर पालिक निगम क्षेत्र में 600 वर्गफीट एवं अन्य नगरीय निकायों में 800 वर्गफीट भूमि से अनधिक शासकीय भूमि, जिस पर दिनांक 20 अगस्त 2017 से लगातार हों, विकास योजना में निर्धारित भू उपयोग से निरपेक्ष रहते हुआ, पत्ते के लिए पात्र समझे जाएंगे। लेकिन निर्धारित सीमा से अधिक भूमि होने पर,अतिरिक्त भूमि का कब्जा छोड़े या हटाये जाने पश्चात ही कब्जाधारी को पत्ते की पात्रता होगी अन्यथा वह अपात्र माना जाएगा।
दिनांक 20 अगस्त 2017 के पूर्व भूमि के कब्जे के संबंध में सत्यापन हेतु आधार दस्तावेज भारत निर्वाचन आयोग/राज्य निर्वाचन आयोग की मतदाता सूची, विद्युत देयक/विद्युत संयोजन का दस्तावेज, टेलीफोन बिल, स्थानीय नगरीय निकाय की संपत्तिकर/समेकित कर पंजी, जलकर भुगतान दस्तावेज, भवन अनुज्ञा/दुकान अनुज्ञा, अधिनियम के अधीन प्रदत्त पट्टाधृति पत्ते तथा आधार कार्ड/ड्राइविंग लाइसेंस को शामिल किया गया है।
कलेक्टर अभिजीत सिंह ने जिले के सभी नगरीय निकायों के लिए प्राधिकृत अधिकारी की नियुक्ति कर दी है जो नगरीय क्षेत्रों के आवासहीन व्यक्ति को पट्टाधृति अधिकार नियम 2023 के अंतर्गत नियमानुसार कार्यवाही समय सीमा में पूर्ण करेंगे। नगर निगम दुर्ग, नगर निगम भिलाई के जोन 3,4,5 के लिए सोनाल डेविड, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व दुर्ग, नगर निगम भिलाई के जोन 1,2 के लिए उत्तम सिंह पंचारी, संयुक्त कलेक्टर दुर्ग, नगर निगम भिलाई चरोदा एवं नगर पालिका कुम्हारी हेतु प्रकाश सोनी, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व भिलाई तीन, नगर निगम रिसाली एवं नगर पंचायत उतैईइ हेतु प्रफुल्ल कुमार गुप्ता, अनुविभागीय दंडाधिकारी दुर्ग, नगर पंचायत धमधा हेतु सुश्री अंजली खालको, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व धमधा, नगर पालिका अमलेश्वर एवं नगर पंचायत पाटन हेतु नीर निधि नांदेहा, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व पाटन एवं नगर पालिका जामुल और अहिवारा हेतु राहुल रजक, संयुक्त कलेक्टर दुर्ग को प्राधिकृत अधिकारी नियुक्त किया गया है। प्राधिकृत अधिकारी के साथ संबंधित नगरीय निकाय के आयुक्त,सीएमओ एवं क्षेत्र के तहसीलदार/नायब तहसीलदारों को संलग्न जांच अधिकारी भी नियुक्त किए गए है। बैठक में अपर कलेक्टर खेमलाल वर्मा, नगर निगम आयुक्त सुश्री लीना कोसम, सुश्री सुरुचि सिंह, श्रीमती मोनिका वर्मा, अनुविभागीय अधिकारी सोनल डेविड, एसडीएम प्रफुल्ल कुमार गुप्ता, सहित सभी प्राधिकृत अधिकारी, सीएमओ, उपस्थित रहे।
