जगदलपुर/नगरनार स्टील प्लांट में आगजनी की घटना तथा पुलिस, प्रशासन और संबंधित विभागों को समय पर सूचना दिए जाने को लेकर प्रकाशित समाचार ने औद्योगिक सुरक्षा एवं जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। समाचार में वर्ष 2024 की स्टील मेल्टिंग शॉप में आग से छह लोगों के झुलसने की घटना का भी उल्लेख है। ऐसे में सवाल केवल एक घटना का नहीं, बल्कि यह है कि पिछली दुर्घटनाओं के बाद क्या जांच हुई, क्या कमियां सामने आईं, किसे जिम्मेदार ठहराया गया और उन कमियों को दूर करने के लिए क्या ठोस कार्रवाई की गई? बस्तर अधिकार मुक्ति मोर्चा के मुख्य संयोजक एवं जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के प्रदेश उपाध्यक्ष नवनीत चाँद ने एनएमडीसी प्रबंधन, एनएमडीसी स्टील लिमिटेड, छत्तीसगढ़ शासन, जिला प्रशासन, पुलिस, अग्निशमन विभाग तथा सक्षम औद्योगिक सुरक्षा प्राधिकरणों से पूरे मामले में पारदर्शी, निष्पक्ष और समयबद्ध कार्रवाई की मांग की है।”””हमारी प्रमुख मांगें”””: पिछली दुर्घटनाओं की जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए। वर्ष 2024 की आगजनी सहित प्लांट में हुई पूर्ववर्ती संबंधित दुर्घटनाओं की जांच रिपोर्ट, तकनीकी निष्कर्ष, चिह्नित सुरक्षा खामियां, जिम्मेदारी निर्धारण और की गई विभागीय अथवा अन्य कार्रवाई का विवरण सार्वजनिक किया जाए। लंबित जांचों की वर्तमान स्थिति भी बताई जाए।
वर्तमान घटना की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष तकनीकी जांच हो।
आग लगने के वास्तविक कारण, संभावित तकनीकी या मानवीय चूक, सुरक्षा प्रोटोकॉल के अनुपालन और आपातकालीन प्रतिक्रिया की जांच सक्षम स्वतंत्र एजेंसी से कराई जाए। सूचना देने में देरी हुई या नहीं, इसकी पुष्टि अभिलेखों के आधार पर हो और जिम्मेदारी नियमानुसार तय की जाए। पूरे प्लांट का व्यापक औद्योगिक सुरक्षा ऑडिट कराया जाए।
स्वतंत्र विशेषज्ञों से फायर सेफ्टी, विद्युत सुरक्षा, मशीनरी एवं उपकरणों की स्थिति, हॉट-वर्क परमिट, ज्वलनशील पदार्थों के सुरक्षित भंडारण, अलार्म एवं डिटेक्शन सिस्टम, अग्निशमन नेटवर्क, आपातकालीन निकासी मार्ग तथा सुरक्षा उपकरणों का तकनीकी परीक्षण कराया जाए। आपदा प्रबंधन और आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली की समीक्षा हो।
ऑन-साइट आपातकालीन योजना, मॉक ड्रिल, कर्मचारियों के प्रशिक्षण, अग्निशमन विभाग से समन्वय, एम्बुलेंस एवं चिकित्सा सहायता, आपातकालीन संपर्क व्यवस्था और पुलिस-जिला प्रशासन को सूचना देने की प्रक्रिया का ऑडिट किया जाए। कमियों को दूर करने की समयसीमा निर्धारित हो।
कर्मचारियों और संविदा श्रमिकों की सुरक्षा सुनिश्चित हो। संविधान के अनुच्छेद 21 में संरक्षित जीवन के अधिकार के महत्व को ध्यान में रखते हुए प्रत्येक कर्मचारी एवं संविदा श्रमिक को सुरक्षित कार्यस्थल, उपयुक्त व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण, जोखिम संबंधी प्रशिक्षण, आपातकालीन चिकित्सा और दुर्घटना की स्थिति में त्वरित सहायता उपलब्ध कराई जाए। सुरक्षा संबंधी शिकायतों के लिए प्रभावी व्यवस्था भी सुनिश्चित हो।
सुरक्षा निरीक्षण एवं अनुपालन की जवाबदेही तय हो। सक्षम प्राधिकरणों द्वारा किए गए पूर्व सुरक्षा निरीक्षणों, जारी निर्देशों, अनुपालन प्रमाणों और लंबित सुधारात्मक कार्यों की समीक्षा की जाए। किसी स्तर पर लापरवाही प्रमाणित होने पर लागू कानूनों के अनुसार कार्रवाई की जाए। रिपोर्ट, कार्रवाई और सुधारात्मक उपायों का सार्वजनिक विवरण जारी हो।
एनएमडीसी प्रबंधन और संबंधित विभाग निर्धारित समयसीमा में जांच की स्थिति, सुरक्षा ऑडिट के निष्कर्ष, सुधारात्मक कार्रवाई तथा अनुपालन की जानकारी सार्वजनिक करें। केवल औपचारिक जांच नहीं, बल्कि सुधारों का स्वतंत्र सत्यापन भी कराया जाए। संवेदनशील सुरक्षा सूचनाओं और व्यक्तिगत जानकारी की सुरक्षा लागू नियमों के अनुसार बनी रहे।”””नवनीत चाँद का स्पष्ट वक्तव्य”””:
“नगरनार स्टील प्लांट बस्तर की औद्योगिक अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण केंद्र है, लेकिन उद्योग की वास्तविक सफलता केवल उत्पादन और मुनाफे से नहीं, बल्कि वहां काम करने वाले कर्मचारियों की सुरक्षित जिंदगी से तय होती है। यदि पहले भी दुर्घटनाएं हुई हैं, तो उनकी जांच के निष्कर्ष और उन पर की गई कार्रवाई सामने आनी चाहिए। पिछली घटनाओं से मिली सीख को लागू किए बिना केवल नई घटना के बाद जांच की घोषणा करना पर्याप्त नहीं है।
हम किसी व्यक्ति या संस्था को जांच से पहले दोषी नहीं ठहरा रहे हैं। हमारी मांग है कि स्वतंत्र जांच हो, पुराने मामलों की स्थिति स्पष्ट हो, सुरक्षा ऑडिट की कमियां दूर हों और जवाबदेही तय की जाए। कर्मचारियों की सुरक्षा किसी भी औद्योगिक प्रबंधन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।”
“””अंतिम चेतावनी नहीं, जवाबदेही की स्पष्ट मांग”””:
एनएमडीसी प्रबंधन और शासन स्पष्ट करें—पिछली दुर्घटनाओं से क्या सीखा गया, सुरक्षा की कमियां दूर करने के लिए क्या किया गया और भविष्य में ऐसी घटनाएं रोकने की क्या ठोस व्यवस्था है?
बस्तर के औद्योगिक विकास का अर्थ तभी सार्थक है, जब उत्पादन के साथ कर्मचारियों का जीवन, स्वास्थ्य और सम्मान भी सुरक्षित रहे।
