दुर्ग/पिता की हत्या के प्रकरण में आरोपी को आजीवन कारावास, दुर्ग पुलिस की अच्छी विवेचना एवं अभियोजन की प्रभावी पैरवी से मिली दोष सिद्धि। थाना उतई के अपराध क्रमांक 428/2025 में अपर सत्र न्यायालय, पाटन द्वारा दिनांक 16.10.2026 को आरोपी को दोषसिद्ध कर आजीवन कारावास एवं ₹1,000 अर्थदंड से दंडित किया गया। प्रकरण की विवेचना तत्कालीन थाना प्रभारी उतई निरीक्षक महेश ध्रुव द्वारा की गई तथा विवेचना के दौरान संकलित साक्ष्यों के आधार पर अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। न्यायालय में अभियोजन पक्ष की ओर से अतिरिक्त लोक अभियोजक शेखर वर्मा द्वारा प्रभावी पैरवी की गई, जिसमें प्रस्तुत साक्ष्यों एवं तर्कों के आधार पर न्यायालय ने निर्णय पारित किया। आरोपी डोमन लाल यदु, उम्र 42 वर्ष, निवासी ग्राम गाड़ाडीह चौक, थाना उतई, जिला दुर्ग को भारतीय न्याय संहिता की धारा 103 के अंतर्गत आजीवन कारावास एवं ₹1,000 अर्थदंड से दंडित किया गया। अर्थदंड अदा नहीं करने पर 05 माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतने का आदेश दिया गया। प्रकरण में पुलिस की विवेचना एवं अभियोजन की न्यायालयीन पैरवी महत्वपूर्ण रही।”””मुख्य बिंदु”””: थाना उतई के अपराध क्रमांक 428/2025 में पिता की हत्या के प्रकरण में तत्कालीन थाना प्रभारी निरीक्षक महेश ध्रुव द्वारा विवेचना कर साक्ष्य संकलित किए गए तथा अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। अभियोजन पक्ष की ओर से अतिरिक्त लोक अभियोजक शेखर वर्मा द्वारा न्यायालय में पैरवी की गई। पुलिस विवेचना एवं न्यायालयीन विचारण की प्रक्रिया के उपरांत अपर सत्र न्यायालय, पाटन ने 16.10.2026 को आरोपी को दोषसिद्ध कर आजीवन कारावास एवं अर्थदंड से दंडित किया। “””संक्षिप्त विवरण”””: थाना उतई क्षेत्र में 21.10.2025 को पिता पर प्राणघातक हमला किए जाने से संबंधित घटना के मामले में अपराध क्रमांक 428/2025 पंजीबद्ध किया गया था। प्रकरण की विवेचना तत्कालीन थाना प्रभारी उतई निरीक्षक महेश ध्रुव द्वारा की गई। विवेचना के दौरान प्रकरण से संबंधित साक्ष्यों का संकलन कर आवश्यक वैधानिक कार्यवाही की गई तथा 22.12.2025 को अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। प्रकरण का विचारण अपर सत्र न्यायालय, पाटन, जिला दुर्ग में हुआ। अभियोजन पक्ष की ओर से अतिरिक्त लोक अभियोजक शेखर वर्मा ने न्यायालय में प्रकरण की पैरवी की। न्यायालय द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों एवं अभियोजन के तर्कों पर विचार करने के पश्चात 16.10.2026 को आरोपी डोमन लाल यदु को भारतीय न्याय संहिता की धारा 103 के अंतर्गत दोषसिद्ध कर आजीवन कारावास एवं ₹1,000 अर्थदंड से दंडित किया गया। अर्थदंड अदा नहीं करने की स्थिति में 05 माह के अतिरिक्त सश्रम कारावास का दंडादेश भी पारित किया गया। यह प्रकरण पुलिस की विवेचना, साक्ष्य संकलन, समय पर अभियोग पत्र प्रस्तुत करने तथा अभियोजन पक्ष की न्यायालयीन पैरवी के समन्वय को दर्शाता है। न्यायालय द्वारा पारित दंडादेश विधिक प्रक्रिया के अंतर्गत प्रस्तुत साक्ष्यों एवं विचारण पर आधारित है।”””घटना स्थल”””: ग्राम गाड़ाडीह चौक, थाना उतई क्षेत्र, जिला दुर्ग, छत्तीसगढ़। घटना स्थल का अंतिम विवरण मूल एफआईआर एवं विवेचना अभिलेख से सत्यापित किया जाना है।”””आरोपी का नाम””: डोमन लाल यदु उर्फ चुन्नी लाल यदु, उम्र 42 वर्ष, निवासी ग्राम गाड़ाडीह चौक, थाना उतई, जिला दुर्ग, छत्तीसगढ़।”””सराहनीय कार्य”””: प्रकरण की विवेचना तत्कालीन थाना प्रभारी उतई निरीक्षक महेश ध्रुव द्वारा की गई। उनके द्वारा की गई विवेचना, साक्ष्य संकलन एवं अभियोग पत्र प्रस्तुत करने की कार्यवाही प्रकरण के न्यायालयीन विचारण का महत्वपूर्ण हिस्सा रही। अभियोजन पक्ष की ओर से अतिरिक्त लोक अभियोजक शेखर वर्मा द्वारा न्यायालय में पैरवी की गई। पुलिस विवेचना एवं अभियोजन की न्यायालयीन कार्यवाही के समन्वय से प्रकरण का विचारण पूर्ण हुआ तथा न्यायालय द्वारा आरोपी को दोषसिद्ध कर दंडित किया गया।”””दुर्ग पुलिस की अपील”””: दुर्ग पुलिस आम नागरिकों से अपील करती है कि पारिवारिक विवादों एवं आपसी मतभेदों का समाधान हिंसा के बजाय संवाद और कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से करें। किसी भी गंभीर घटना की सूचना तत्काल पुलिस को दें। दुर्ग पुलिस अपराधों की निष्पक्ष विवेचना, साक्ष्यों के विधिसम्मत संकलन तथा न्यायालय में प्रभावी अभियोजन के माध्यम से कानून का पालन सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
