भिलाई/कथित रूप से प्राप्त जानकारीनुसार विगत कई सालों से वार्ड 33 का संतोषी पारा पीडीएस चावल तस्करी का अड्डा बना हुआ है जिसके बावजूद जिला प्रशासन के द्वारा कोई कार्रवाई न किया जाना हैरत की बात है। यहां पर पिछले अनेक वर्षों से लगातार पीडीएस खाद्यान्न तस्कर सक्रिय हैं और अपने अवैध कार्यों को बेखौफ अंजाम दे रहे हैं मानो उनको कानून का कोई डर न हो। गत दिनों खाद्य विभाग के द्वारा चावल तस्करों के यहां पर छापामार कार्यवाही की गई जो कि काबिले तारीफ है किंतु एक को छोड़ दिया गया जिसको लेकर चर्चा का बाजार गरम है और खाद्य विभाग की भूमिका पर लोग सवाल उठा रहें हैं। हर बार चावल तस्कर बच निकलते हैं जो कि अनेक संदेहों को जन्म दे रहा हैं और मजे से अवैध धंधा करते हैं। कथित तौर से कहा जा रहा है कि चावल तस्करी का सरगना इसी वार्ड का निवासी हैं जो कि किसी जमाने में किराना की एक छोटी सी दुकान चलाया करता था लेकिन आज देखते-ही- देखते करोड़ों का मालिक बन बैठा है और राजनीतिक संरक्षण में अपने कार्य को धड़ल्ले से अंजाम दे रहा हैं। उक्त चावल तस्कर के भाजपा – कांग्रेस के सभी छुटभैया नेताओं के मधुर संबंध हैं जिसकी सरकार होती हैं उसी के साथ हो जाता हैं। विगत दिनों जिला प्रशासन के द्वारा कुछ स्थानों पर छापामार कार्रवाई की गई लेकिन इसको बख्श दिया गया जिसको लेकर पूरे शहर में कानाफूसी जारी हैं और लोगों का कथित रूप से कहना हैं कि इतना सब कुछ होने के बावजूद आज भी इसका काम चालू हैं ऐसे में उंगली उठना लाजिमी है,खाद्य विभाग की कार्यप्रणाली पर लोग सीधे-सीधे सवाल खड़े कर रहे हैं। लोगों का स्पष्ट कहना हैं कि इसके लिए खाद्य विभाग जिम्मेदार हैं क्योंकि खाद्य विभाग को ही पुष्टि करने के अधिकार मिले हुए हैं। ज्ञात हो कि पूर्व मास चावल की अवैध तस्करी को लेकर प्रभावी कार्यवाही के लिए भाजपा नेता दुर्गेश चौधरी ने पीएमओ कार्यालय व अन्य जगहों में शिकायत की थी जिसके बाद भी स्थिति में कोई सुधार आता दिखलाई नहीं पड़ रहा हैं जिसको लेकर भी आमजनता में भारी रोष बना हुआ हैं।
