लोक लाज, मान मर्यादा, उत्तरदायित्व, सामाजिक शिष्टाचार, शुचिता, मानव मूल्य, निजी जीवन के नैतिक मानदंड वगैरा-वगैरा सभ्य...
वैसे तो ऊंचाईयों की नीचाईयाँ इतनी इफरात में हैं कि जहां जहां भी नजर डालिए, वहां-वहां वे...