जगदलपुर/बस्तर अधिकार मुक्ति मोर्चा के मुख्य संयोजक एवं बस्तर संभाग अध्यक्ष, जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) नवनीत चाँद तथा नगर मंडल अध्यक्ष मेहताब सिंह ने ऐतिहासिक दलपत सागर की सफाई, संरक्षण एवं सौंदर्यीकरण पर हुए सार्वजनिक व्यय को लेकर नगर निगम, जिला प्रशासन एवं राज्य सरकार से दस्तावेज आधारित जवाबदेही की मांग की है। 1 सितंबर 2026 के प्रकाशित समाचार के अनुसार पिछले लगभग 20 वर्षों में दलपत सागर पर ₹13 करोड़ से अधिक खर्च होने की बात सामने आई है। इसके बावजूद जलकुंभी की समस्या कायम है। 2024 में लगभग ₹3 करोड़ खर्च तथा वीड हार्वेस्टर पर लगभग ₹80–90 लाख व्यय की रिपोर्टिंग भी हुई है। इन आंकड़ों की वास्तविकता का अंतिम निर्धारण संबंधित सरकारी अभिलेख एवं लेखा रिकॉर्ड से होना चाहिए।
“”मुख्य सवाल”” : खर्च के अनुपात में परिणाम क्या मिला? नवनीत चाँद ने कहा— “हम किसी अधिकारी, जनप्रतिनिधि या एजेंसी पर बिना अभिलेख आरोप नहीं लगा रहे हैं। हमारा सीधा सवाल है—जनता के धन से जितना खर्च हुआ, उसके अनुपात में दलपत सागर को वास्तविक और स्थायी परिणाम क्या मिला?”””मोर्चे की प्रमुख मांगें””: 1. 2005 से 1 सितंबर 2026 तक दलपत सागर पर स्वीकृत एवं वास्तविक भुगतान की वर्षवार और कार्यवार सूची सार्वजनिक की जाए। 2. प्रत्येक कार्य का DPR, प्रशासकीय/तकनीकी स्वीकृति, Tender, BOQ, Work Order, Measurement Book, Final Bill एवं Payment Record सार्वजनिक किया जाए। 3. ₹13 करोड़ से अधिक खर्च के प्रकाशित दावे का अधिकृत विभागीय वित्तीय सत्यापन कर वास्तविक आंकड़ा जनता के सामने रखा जाए। 4. वीड हार्वेस्टर की खरीद लागत, निविदा प्रक्रिया, संचालन घंटे, ईंधन, मरम्मत एवं उससे हटाई गई जलकुंभी की मात्रा का प्रमाणित रिकॉर्ड सार्वजनिक किया जाए। 5. दलपत सागर में पहुंचने वाले नालों की वैज्ञानिक मैपिंग, प्रदूषित जल की रोकथाम तथा STP की वास्तविक क्षमता और संचालन की रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए।6. नई ₹9.88 करोड़ की परियोजना का DPR, BOQ, मदवार लागत, निविदा, कार्यादेश, समयसीमा और भौतिक प्रगति सार्वजनिक की जाए तथा पुराने कार्यों के परिणाम का Third-Party Technical Audit कराया जाए। 7. NMDC CSR से स्वीकृत ₹50 लाख एवं जारी प्रथम ₹20 लाख के उपयोग की कार्ययोजना, एजेंसी, लक्ष्य, भुगतान एवं Utilization Certificate सार्वजनिक किया जाए। 8. पिछले कार्यों का Social Audit कराकर जनता के सामने “स्वीकृति → निविदा → कार्य → भुगतान → वास्तविक परिणाम” का पूरा विवरण रखा जाए।
नवनीत चाँद एवं मेहताब सिंह ने कहा— “दलपत सागर बस्तर की ऐतिहासिक धरोहर है। हमारा विरोध विकास या CSR राशि से नहीं, बल्कि बिना परिणाम की पुनरावृत्ति से है।” “पहले पुराने खर्च का हिसाब और परिणाम सार्वजनिक हों, फिर नई राशि का उपयोग स्पष्ट लक्ष्य और जवाबदेही के साथ हो।” “₹13 करोड़ का हिसाब, ₹9.88 करोड़ की योजना और NMDC की ₹50 लाख CSR राशि—तीनों का पारदर्शी रिकॉर्ड जनता के सामने आना चाहिए।”
मोर्चा मांग करता है कि जनता के धन एवं CSR निधि का उपयोग निर्धारित वित्तीय, निविदा, लेखा, पर्यावरणीय एवं प्रशासनिक नियमों के अनुरूप हो और प्रत्येक खर्च का परिणाम मापने योग्य बनाया जाए। “दलपत सागर की सफाई केवल घोषणा नहीं—स्थायी समाधान, पारदर्शी खर्च और जवाबदेह परिणाम के साथ होनी चाहिए।”
