भिलाई/छत्तीसगढ़ के पूर्व राज्य मंत्री बदरुद्दीन कुरैशी ने भारत के पूर्व राष्ट्रपति एवं महान स्वतंत्रता सेनानी डॉ. शंकर दयाल शर्मा की जयंती पर उन्हें सादर नमन करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि डॉ. शर्मा का संपूर्ण जीवन राष्ट्रसेवा, लोकतांत्रिक मूल्यों और संविधान की गरिमा के प्रति समर्पित रहा। डॉ. शंकर दयाल शर्मा का जन्म 19 अगस्त 1918 को भोपाल में हुआ था। उन्होंने उच्च शिक्षा प्राप्त करने के बाद स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय भागीदारी निभाई और देश की आजादी के संघर्ष में योगदान दिया। स्वतंत्रता के पश्चात उन्होंने सार्वजनिक जीवन में अनेक महत्वपूर्ण दायित्व निभाए और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री सहित विभिन्न संवैधानिक पदों पर कार्य किया। बदरुद्दीन कुरैशी ने कहा कि डॉ. शंकर दयाल शर्मा भारत के उपराष्ट्रपति तथा 1992 से 1997 तक देश के नौवें राष्ट्रपति रहे। राष्ट्रपति के रूप में उन्होंने संविधान, लोकतंत्र और देश की एकता एवं अखंडता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। उनका सरल व्यक्तित्व, विद्वता, अनुशासन और राष्ट्र के प्रति समर्पण आज भी देशवासियों के लिए प्रेरणास्रोत है। उनकी जयंती पर हम उनके आदर्शों को आत्मसात करते हुए देश और समाज की सेवा के लिए समर्पित रहने का संकल्प लें। डॉ. शंकर दयाल शर्मा की जयंती पर उन्हें शत्-शत् नमन एवं विनम्र श्रद्धांजलि।
