भिलाई/भाजपा नेता दुर्गेश चौधरी ने गत दिनों चावल तस्करी को लेकर खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के सचिव को लिखित पत्र भेजा है। जिसमें उल्लेख हैं कि भिलाई,चरोदा,जामुल, खुर्सीपार, कैंप क्षेत्र और सुपेला आदि क्षेत्रों में शासकीय पीडीएस चावल अथवा अन्य खाद्यान्न के अवैध परिवहन,भंडारण एवं तस्करी की गतिविधियां संचालित होने की शिकायतें,सूचनाएं मिल रही हैं और यह चावल तस्करी हमारे कैंप क्षेत्र में भी बड़े तादात में हो रही हैं लेकिन जब खाद्य विभाग को सूचना देने कॉल किया जाता हैं तो उनके द्वारा फोन नहीं उठाया जाता हैं। कभी कभार जब कोई व्यक्ति इन गाड़ियों को रोक देता हैं तो विभाग के द्वारा चावल का सैंपल फेल कर दिया जाता हैं,यह कह कर कि पीडीएस का चावल नहीं है। जब पीडीएस चावल तस्करी के संबंध में पुलिस विभाग को सूचित किया जाता हैं तो यह खाद्य विभाग का मामला कह कर चावल गाड़ियों को छोड़ दिया जाता हैं अथवा कार्रवाई प्रभावी रूप से आगे नहीं बढ़ती है तो ऐसी स्थिति में पुलिस विभाग को भी जांच की कार्यवाही में शामिल किया जाना आवश्यक हैं ताकि तस्करी में लिप्त व्यक्तियों, वाहन मालिकों,परिवहनकर्ताओं और गोदाम संचालकों व अन्य सम्बन्धित व्यक्तियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच हो सके। छत्तीसगढ़ खाद्य विभाग द्वारा सार्वजनिक वितरण प्रणाली,खाद्यान्न के भंडारण,परिवहन एवं वितरण तथा आवश्यक वस्तुओं से संबंधित नियंत्रण आदेशों के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी निभाई जाती हैं। विभाग की आधिकारिक वेबसाइड पर छत्तीसगढ़ सार्वजनिक वितरण प्रणाली(नियंत्रण)आदेश 2016 तथा आवश्यक वस्तु व्यापारी सम्बन्धी नियंत्रण आदेश उपलब्ध हैं। उक्त पत्र में मांग की गई है कि संबंधित क्षेत्र में चावल,खाद्यान्न की तस्करी एवं अवैध परिवहन की संयुक्त जांच खाद्य विभाग एवं पुलिस विभाग की टीम बनाकर कराई जाए। संदिग्ध वाहनों,गोदामों,मिलों,दुकानों एवं संबंधित प्रतिष्ठानों की जांच कर उनके स्टॉक,खरीद बिक्री,परिवहन दस्तावेज,बिल,चालान,परमिट एवं अन्य अभिलेखों का सत्यापन कराया जाए। यदि जांच में शासकीय,पीडीएस खाद्यान्न के अवैध परिवहन, भंडारण अथवा तस्करी की पुष्टि होती हैं तो संबंधित खाद्य कानून,नियंत्रण आदेश एवं अन्य लागू कानूनी प्रावधानों के अंतर्गत जब्ती एवं वैधानिक कार्रवाई की जाए। तस्करी में प्रयुक्त वाहनों को नियमानुसार जब्त कर वाहन मालिक,चालक,परिवहनकर्ता,व्यापारी तथा अन्य सम्बन्धित व्यक्तियों की भूमिका की जांच की जाए। यदि खाद्य विभाग के किसी अधिकारी,कर्मचारी द्वारा पूर्व में शिकायत प्राप्त होने के बावजूद जानबूझकर कार्रवाई नहीं की गई हो तो उस संबंध में विभागीय जांच कराई जाए। तस्करी की सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान एवं सुरक्षा का आवश्यक ध्यान रखते हुए जांच को निष्पक्ष एवं पारदर्शी तरीके से कराया जाए। भविष्य में खाद्यान्न की तस्करी रोकने के लिए जिला स्तर पर खाद्य एवं पुलिस विभाग की संयुक्त निगरानी,जांच व्यवस्था लागू करने के संबंध में आवश्यक निर्देश जारी किए जाए। इसकी प्रति खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग कृषि भवन नई दिल्ली,कलेक्टर दुर्ग,पुलिस अधीक्षक दुर्ग,संचालक खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण संचालनालय छग, प्रधानमंत्री कार्यालय नई दिल्ली को भी भेजी गई हैं।
