भिलाई/रायपुर के नकटी गाँव में प्रशासन द्वारा गरीबों के मकान तोड़े जाने के विरोध एवं पीड़ितों के अविलंब पुनर्वास व मुआवजे के संबंध में शिव सेना यूबीटी ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा है। जिसमें उल्लेख हैं कि अत्यंत खेद और आक्रोश के साथ हम आपका ध्यान रायपुर के समीप ग्राम नकटी में हाल ही में प्रशासन द्वारा की गई अमानवीय और दमनकारी कार्रवाई की ओर आकर्षित करना चाहते हैं। भारी बारिश के इस संवेदनशील मौसम में, बिना किसी ठोस वैकल्पिक व्यवस्था के, प्रशासन द्वारा पुलिस बल के दम पर लगभग 80-85 गरीब, मजदूर और आदिवासी परिवारों के आशियानों पर बुलडोजर चला दिया गया। इस अमानवीय कृत्य के विरोध में शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) छत्तीसगढ़ इकाई निम्नलिखित बिंदुओं पर आपके त्वरित हस्तक्षेप और न्याय की मांग करती है: बारिश के मौसम में अमानवीय कार्रवाई: इस कड़कड़ाती बिजली और भारी बारिश के मौसम में छोटे बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को बेघर करना पूरी तरह से संवेदनहीनता की पराकाष्ठा है। प्रशासन ने मानवाधिकारों का खुला उल्लंघन किया है।
सरकारी योजनाओं के मकानों को तोड़ना: तोड़े गए मकानों में से कई मकान प्रधानमंत्री आवास योजना एवं इंदिरा आवास योजना के तहत स्वीकृत थे, जिन्हें शासन ने ही वैध मानकर राशि जारी की थी। स्वयं सरकार द्वारा स्वीकृत मकानों को ‘अवैध’ बताकर तोड़ना बेहद विरोधाभासी और निंदनीय है। गौचर भूमि के नाम पर वीआईपी कॉलोनी का खेल: ग्रामीणों को यह कहकर बेदखल किया गया कि जमीन चरगाण (गौचर) की है, जबकि धरातल पर चर्चा है कि इस बेशकीमती जमीन को खाली कराकर वहां वीआईपी (सांसदों/विधायकों) के लिए कॉलोनी बनाने की योजना है। गरीबों का पेट काटकर रसूखदारों को उपकृत करना न्यायसंगत नहीं है।
“”हमारी प्रमुख माँगें””-
तात्कालिक पक्का आवास: जितने भी परिवारों के मकान तोड़े गए हैं, उन्हें नवा रायपुर या समीप के क्षेत्र में तत्काल प्रभाव से पक्के मकान (EWS आवास) निःशुल्क आवंटित किए जाएं। उचित आर्थिक मुआवजा: बेघर हुए परिवारों के सामान, घरेलू संपत्ति और मकान के नुकसान का सही आकलन कर उन्हें अविलंब उचित आर्थिक मुआवजा दिया जाए। कार्रवाई पर तुरंत रोक: वर्षा ऋतु को देखते हुए प्रदेश में इस प्रकार की किसी भी बेदखली या ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पर आगामी 4 महीनों के लिए तुरंत रोक लगाई जाए। दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई: बिना किसी ठोस पुनर्वास नीति के, मानसून के दौरान ऐसी कार्रवाई का आदेश देने वाले जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए।
शिवसेना (UBT) मांग करती है कि शासन ‘जनता की सरकार’ होने का परिचय दे, न कि पूंजीपतियों या रसूखदारों की। यदि पीड़ितों को शीघ्र पूर्ण न्याय, सम्मानजनक आवास और मुआवजा नहीं मिला, तो शिवसेना (UBT) जनता के हक के लिए उग्र आंदोलन और ‘जेल भरो आंदोलन’ करने के लिए बाध्य होगी, जिसकी समस्त जिम्मेदारी शासन- प्रशासन की होगी। ज्ञापन सौंपने वालों में शिव सेना यूबीटी के प्रदेश प्रमुख डाॅ आनंद मल्होत्रा, प्रदेश उपाध्यक्ष सुरेन्द्र यादव, संभाग उपाध्यक्ष पप्पू मानिकपुरी,भिलाई जिला अध्यक्ष राजू गुप्ता,जसवंत सिंह मौजूद रहे।
