जगदलपुर/RERA, कॉलोनाइजर, राजस्व एवं नगर निवेश नियमों के संभावित उल्लंघनों की उच्चस्तरीय जांच, वर्षों से लंबित शिकायतों का निराकरण और गरीबों के लिए आरक्षित भूमि की विशेष ऑडिट की मांग — नवनीत चाँद। बस्तर अधिकार मुक्ति मोर्चा के मुख्य संयोजक एवं जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के बस्तर संभाग अध्यक्ष नवनीत चाँद ने कहा कि बस्तर संभाग में अनधिकृत प्लॉटिंग, बिना स्वीकृत लेआउट, संदिग्ध कॉलोनाइजेशन, मास्टर प्लान के विपरीत भूमि उपयोग, संदिग्ध रजिस्ट्रियों तथा वर्षों से विभागों में लंबित शिकायतों की निष्पक्ष जांच अब समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि Real Estate (Regulation and Development) Act, 2016 की धारा 3, 4 एवं 11, छत्तीसगढ़ नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम, 1973, छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता, 1959, पंजीकरण अधिनियम, 1908 तथा कॉलोनाइजर संबंधी नियमों का उद्देश्य सुनियोजित एवं पारदर्शी भूमि विकास सुनिश्चित करना है। यदि इन प्रावधानों के उल्लंघन की शिकायतें हैं, तो उनकी समयबद्ध एवं निष्पक्ष जांच कर कानून के अनुसार कार्रवाई होना शासन का वैधानिक दायित्व है। नवनीत चाँद ने मांग की कि वर्ष 2016 से अब तक बस्तर संभाग में विकसित सभी प्रमुख कॉलोनियों, कॉलोनाइजर लाइसेंस, लेआउट स्वीकृतियों, संदिग्ध रजिस्ट्रियों तथा लंबित शिकायतों का CG RERA, नगर एवं ग्राम निवेश विभाग (DTCP), राजस्व विभाग, उप-पंजीयक कार्यालय एवं जिला प्रशासन द्वारा संयुक्त तकनीकी, वित्तीय एवं प्रशासनिक ऑडिट कराया जाए। उन्होंने विशेष रूप से मांग की कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS), निम्न आय वर्ग (LIG), सार्वजनिक उपयोग, सड़क, पार्क एवं अन्य नागरिक सुविधाओं के लिए आरक्षित भूमि की भी स्वतंत्र जांच की जाए और यह सार्वजनिक किया जाए कि परियोजना स्वीकृति की शर्तों का पालन हुआ या नहीं। उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14, 19(1)(g), 21 एवं 300A के अनुरूप प्रत्येक नागरिक को समानता, विधिसम्मत प्रक्रिया और संपत्ति के संरक्षण का अधिकार प्राप्त है। इसलिए शिकायतों को वर्षों तक लंबित रखना सुशासन और विधि के शासन की भावना के विपरीत है।””बस्तर अधिकार मुक्ति मोर्चा की प्रमुख मांगें””- अनधिकृत प्लॉटिंग एवं लंबित शिकायतों की समयबद्ध उच्चस्तरीय जांच। CG RERA, DTCP, राजस्व एवं पंजीयन विभाग की संयुक्त जांच समिति का गठन। वर्ष 2016 से अब तक की सभी प्रमुख कॉलोनियों एवं कॉलोनाइजर लाइसेंस का तकनीकी, वित्तीय एवं प्रशासनिक ऑडिट। गरीबों के आवास हेतु आरक्षित भूमि एवं सार्वजनिक उपयोग की भूमि की विशेष जांच। स्वीकृत एवं अस्वीकृत लेआउट तथा लंबित शिकायतों की स्थिति सार्वजनिक पोर्टल पर जारी की जाए। जहां नियमों का उल्लंघन सिद्ध हो, वहां संबंधित कानूनों के तहत निष्पक्ष कार्रवाई की जाए। नवनीत चाँद ने कहा कि “बस्तर की जमीन जनता की धरोहर है, इसे किसी भी प्रकार की अपारदर्शिता, नियमों के संभावित उल्लंघन या प्रशासनिक निष्क्रियता का शिकार नहीं बनने दिया जाएगा।”उन्होंने चेतावनी दी कि यदि वर्षों से लंबित शिकायतों का शीघ्र निराकरण नहीं हुआ और जांच रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई, तो बस्तर अधिकार मुक्ति मोर्चा एवं जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) बस्तर से रायपुर तक व्यापक जन-जागरण अभियान, ज्ञापन, धरना- प्रदर्शन, जनसुनवाई एवं लोकतांत्रिक जनआंदोलन प्रारंभ करेगा। “बस्तर की जमीन पर कानून सर्वोपरि होगा, जनता को न्याय मिलेगा और हर लंबित शिकायत का जवाब देना होगा।”
