भिलाई/सूत्रों से प्राप्त जानकारीनुसार वार्ड 30,प्रगति नगर में एक ही सड़क के लिए लगातार दो बार पैसे स्वीकृत किए गए आखिर क्यों? क्या पूरे वार्ड में ओर कोई सड़क खराब नहीं दिखी? प्रथम बार 2024 में सड़क सीमेंटीकरण आदि के लिए 05 लाख रुपए स्वीकृत किए गए जिसमें रोड निर्माण किया ही नहीं गया केवल खानापूर्ति के लिए आधा अधूरा निर्माण कर छोड़ दिया गया जिसको लेकर काफी हंगामा भी बरपा तत्पश्चात पुनः इसी सड़क के लिए 2025 में 10 लाख रुपए पास किए गए आखिर क्यों क्या एक ही सड़क हर साल खराब हो रही हैं ? और क्षेत्र की शेष सड़कें चकाचक हैं। हम बात कर रहे हैं वार्ड 30 में छठी लाल के घर के पास नाली निर्माण, सीसी रोड निर्माण व पुलिया निर्माण की। जहां पर दो बार टेंडर हुआ है यहां पर सवाल यह उठता है कि पार्षद ने एक ही सड़क के लिए दो बार पैसा पास क्यों करवाया ? और वो भी लगातार, जब करवाया तो विकास कार्य धरातल में क्यों नहीं दिखलाई पड़ रहा हैं ? प्रश्न यह भी उठता है कि आखिर पैसा गया तो गया कहां? क्या धरती खा गई या आसमान ? क्या इस पर जनता को वार्ड पार्षद से सवाल पूछने का कोई अधिकार नहीं? आखिर जो भी पैसा विकास कार्य के लिए स्वीकृत होता हैं वो आमजनता की गाढ़ी कमाई से टैक्स के रूप में दी गई रकम होती हैं ऐसे में वार्ड पार्षद की भूमिका पर सवाल उठना लाजिमी है। स्थानीय नागरिकों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि वार्ड पार्षद सत्य देवी जायसवाल का पूरा कार्य उनके पति ही देखते हैं। जब पहली बार विकास कार्य के लिए पैसे स्वीकृत हुए तो कार्य न के बराबर किए गए जनता ने भारी नाराजगी व्यक्त किया था जब पुनः दूसरी बार उसी सड़क के लिए बजट दिया गया तब भी विकास कार्य नहीं दिख रहे हैं ऐसे में जनता विश्वास करे तो कैसे करे? क्या इस पर कार्रवाई नहीं होना चाहिए? यह मामला जांच कर प्रशासन को दूध का दूध और पानी का पानी करना चाहिए ताकि भविष्य में इस प्रकार की कोई गड़बड़ी न हो। अब देखना यह हैं कि ईमानदार व निष्ठावान निगम आयुक्त इस पर संज्ञान लेते हुए क्या कार्यवाही करते हैं।
