भिलाई/छत्तीसगढ़ के पूर्व राज्य मंत्री बदरुद्दीन कुरैशी ने कहा कि, 4 मई का दिन भारत के वीर स्वतंत्रता सेनानी और मैसूर के महान शासक टीपू सुल्तान के शहादत की याद दिलाता है । टीपू सुल्तान का जन्म 1751 में हुआ था और वे हैदर अली के पुत्र थे । उन्होंने अंग्रेजों के खिलाफ अनेक युद्ध लड़े और अपने साहस रणनीति तथा देश भक्ति के लिए प्रसिद्ध हुए । टीपू सुल्तान को “मैसूर का शेर” कहा जाता था क्योंकि उन्हें ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी के विरुद्ध डटकर मुकाबला किया 4 मैं 1799 को चौथा ‘ आंग्ल मैसूर युद्ध’ के दौरान श्रीरंगम पटनम में हुए वीरगति को प्राप्त हुए । उनकी शहादत हमें देश की स्वतंत्रता और स्वाभिमान के लिए संघर्ष करने की प्रेरणा देती है। टीपू सुल्तान ने अपने जीवन में यह संदेश दिया की मातृभूमि की रक्षा के लिए अंतिम सांस तक लड़ना ही सच्ची देशभक्ति है । आज के दिन हम सभी को उनके बलिदान को नमन करते हुए संकल्प लेना चाहिए कि हम देश की एकता अखंडता और प्रगति के लिए सदैव तत्पर रहेंगे।