दुर्ग/प्रदेश के स्कूल शिक्षा, ग्रामोद्योग, विधि एवं विधायी कार्य मंत्री गजेन्द्र यादव ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में प्रदेश में दुर्ग को मॉडल जिला बनाएं। इसमें दुर्ग जिले के प्रधान पाठकों/प्राचार्यों का विशेष योगदान होना चाहिए। उन्होंने कहा कि स्कूलों में बच्चों के मानसिक, बौद्धिक, शारीरिक विकास हेतु शिक्षक लगनपूर्वक कार्य करें। स्कूल शिक्षा मंत्री श्री यादव आज लोक निर्माण विभाग कार्यालय के सभाकक्ष में दुर्ग शहर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत विभिन्न विद्यालयों के प्रधान पाठक एवं प्राचार्यों की बैठक को सम्बोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों में आवश्यक निर्माण कार्यों की स्वीकृति पश्चात् अद्यतन प्रगति की जानकारी ली। साथ ही निर्माण कार्य एजेंसी विभाग आरईएस के अधिकारियों को स्कूलों में समस्त निर्माण कार्य एवं रंग-रोगन कार्य ग्रीष्मकालीन अवकाश में पूर्ण कर लेने निर्देशित किया। उन्होंने अगवत कराया कि विधानसभा क्षेत्र के 68 विद्यालयों में 86 निर्माण कार्य हेतु शासन द्वारा लगभग 05 करोड़ की राशि स्वीकृत की गई है। मंत्री श्री यादव ने लोकसभा में 33 प्रतिशत महिला आरक्षण अधिनियम प्रस्तुत होने पर सभी महिला प्रधान पाठकों/प्राचार्यों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी। इस दौरान उन्होंने स्कूलों में नवाचार शिक्षा की जानकारी ली एवं शिक्षा प्रणाली को बेहतर बनाने आवश्यक सुझाव दिये। मंत्री श्री यादव ने कहा कि स्कूलों में 01 जून से प्रवेश प्रारंभ कर 20 जून तक पूर्ण कर लिया जाए। सभी स्कूलों में कार्डलेस, लाउड स्पीकर और बैटरी आदि की व्यवस्था स्कूल मद में स्वीकृत राशि से कर ली जाए। स्कूल प्रारंभ होने पर राष्ट्रगीत, राष्ट्रगान, दीप, सरस्वती वंदना एवं गुरू मंत्र संबंधित ऑडियो बजाये जाएंगे, जिसे बच्चे दोहराएंगे। आगामी दिनों में सभी स्कूलों में महापुरूषों के जीवनी पर आधारित कैलेण्डर वितरण किये जाएंगे। प्रति माह जन्म दिवस पर बच्चों द्वारा महापुरूषों के जीवनी पर आधारित लेख का वाचन किया जाए। स्कूल शिक्षा मंत्री श्री यादव ने कहा कि प्राथमिक स्कूल के बच्चों को ईमला लिखने और बारहखड़ी का ज्ञान होना चाहिए। उन्होंने कहा कि स्कूल के प्रधान पाठक/प्राचार्य पढ़ाई पर पूरा फोकस करें। प्रति माह स्कूलों का मॉनिटरिंग किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर संस्था के प्राचार्य भी प्रति दिवस अलग-अलग कक्षा में एक-एक कालखण्ड की पढ़ाई कराना सुनिश्चित करें। साथ ही शिक्षकों से समन्वय बनाने नियमित बैठक एवं शिक्षा पर चर्चा करना सुनिश्चित करें। स्कूल शिक्षा मंत्री श्री यादव ने कहा कि सप्ताह के प्रत्येक शनिवार एक्टिविटी-डे होगा। इस दौरान बच्चों के लिए अनिवार्यतः पीटी, योगा, गॉडनिंग एवं खेलकूद आयोजित किये जाएंगे और स्थानीय सांस्कृतिक पर्व भी मनाये जाएंगे। उन्होंने कहा कि शिक्षा के साथ प्रदेश की संस्कृति का भी ज्ञान बच्चों को होना चाहिए। इसके लिये शिक्षकों एवं प्राचार्यों को जागरूकता के साथ आगे आना होगा। बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी अरविंद मिश्रा एवं विभाग के अन्य अधिकारियों सहित नगर के विभिन्न विद्यालयों के प्रधान पाठक एवं प्राचार्य उपस्थित थे।