दुर्ग/जिले में धान खरीदी की प्रक्रिया सुचारू रूप से चल रही है, जिससे किसान खुश हैं और शासन-प्रशासन की व्यवस्थाओं की सराहना कर रहे हैं। ट्रकों के माध्यम से प्रतिदिन धान का उठाव किया जा रहा है, जिससे उपार्जन केंद्रों पर किसी प्रकार का दबाव नहीं बन रहा है। किसान हितैषी राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप किसानों को उनकी मेहनत का वाजिब दाम दिलाने के लिए प्रशासन द्वारा बेहतर व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। राज्य सरकार द्वारा संचालित 24×7 टोकन व्यवस्था के माध्यम से धान खरीदी पूरी तरह सुचारू रूप से संचालित हो रही है, जिससे किसानों को समय पर टोकन प्राप्त हो रहा है।
इसी क्रम में पिसेगांव निवासी किसान धनेश कुमार ने उपार्जन केंद्र कोलिहापुरी में अपना धान विक्रय किया। धनेश कुमार ने 2.26 हेक्टेयर क्षेत्र में सरना किस्म का धान लगाया था, जिसमें 105 क्विंटल धान का उत्पादन किया। धान विक्रय के पश्चात उन्होंने नियमानुसार रकबा समर्पण भी किया। धनेश ने बताया कि यह उनका दूसरा टोकन है, जिसके माध्यम से वे बिना किसी परेशानी के धान बेच पा रहे हैं। जिले में धान खरीदी की व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए नोडल अधिकारी अपने -अपने प्रभार वाले धान खरीदी केंद्रों पर नियमित रूप से पहुंचकर खरीदी कार्य की सतत मॉनिटरिंग कर रहे हैं। धान खरीदी केंद्र में पारदर्शी और सुव्यवस्थित व्यवस्था होने से धनेश जैसे अन्य किसान भी काफी संतुष्ट नजर आए। पर्याप्त मात्रा में बारदाना उपलब्ध होने के कारण किसी प्रकार की रुकावट नहीं आ रही है और किसानों को लाइन में लगने की भी आवश्यकता नहीं पड़ रही है। समिति द्वारा बोरी उपलब्ध कराने से लेकर बोरी की सिलाई तक की पूरी व्यवस्था की गई है। धनेश कुमार ने बताया कि धान बिक्री से प्राप्त राशि का उपयोग वे आगामी रबी फसल की तैयारी में करेंगे।