महासमुंद/राष्ट्रीय तेली कर्मा सेना के संस्थापक व भाजपा किसान मोर्चा प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य अशवंत तुषार साहू के जन्मदिवस के अवशर पर शानदार आयोजन किया गया,जिसमें बुजुर्गों को सम्मान फूल माला पहनाकर, गुलदस्ता
, श्रीफल भेट कर सम्मानित किया गया बुजुर्गों ने अश्वंत तुषार साहू की दीर्घायु व राजनीतिक जीवन में सफलता का आशीर्वाद प्रदान किया,तुषार साहू ने कहा मेरे जन्म दिवस को यादगार, शानदार आयोजन के लिए समस्त ग्रामवासी अछोली और मेरे मित्रगण व मेरे परिवार जनों को बहुत-बहुत धन्यवाद आभार…बड़े-बुजुर्गों का आशीर्वाद एक रक्षा कवच की तरह है, जो भाग्य को सौभाग्य में बदलकर सफलता, सुरक्षा और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करता है। यह उनके जीवन के अनुभवों का निचोड़ और भगवान के वरदान के समान होता है। बुजुर्गों के चरण स्पर्श (साष्टांग) करने से तनाव कम होता है और उनका सम्मान करने से परिवार में संस्कार व सही दिशा बनी रहती है। बड़े-बुजुर्गों का आशीर्वाद हमारी शक्ति, संस्कार और जीवन की प्रेरणा है। आगे कहां बुजुर्ग हमारे समाज की अमूल्य धरोहर और अनुभव का खजाना हैं, जिनका सम्मान करना हमारा नैतिक और सामाजिक कर्तव्य है। उनके अनुभव, मार्गदर्शन और आशीर्वाद से परिवार और समाज को दिशा मिलती है। बुजुर्गों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और कल्याण के लिए सरकार द्वारा कई कानूनी और वित्तीय सहायता योजनाएं (जैसे आयुष्मान भारत, पेंशन) लागू की गई हैं। बुजुर्गों के प्रति सम्मान और देखभाल: नैतिक कर्तव्य: बुजुर्गों की सेवा और सम्मान करना सनातन संस्कृति का अटूट हिस्सा है। मानसिक और भावनात्मक सहयोग: उन्हें समय देना, उनकी बातें सुनना और भावनात्मक समर्थन देना महत्वपूर्ण है। सामाजिक भागीदारी : उन्हें अलग-थलग न छोड़ें और उनके अनुभवों का लाभ उठाएं।
