भिलाई/शहर के वरिष्ठ नेता एवं नगर पालिक निगम के नेता प्रतिपक्ष भोजराज सिंहा जनहित के हर मुद्दे पर हमेशा मुखर रहें हैं जो कि बिना किसी डर भय के निडरतापूर्वक शहर सरकार के कथित गलत कार्यों का विरोध करते रहे हैं श्री सिन्हा के बारे में आइए आपको संक्षिप्त में कुछ बताते हैं। भोजराज सिंहा का जन्म स्थान दुर्ग,छत्तीसगढ़ हैं 15/06/1976 में इनका जन्म हुआ हैं इनकी शैक्षणिक योग्यता स्नातक है और ओबीसी वर्ग से आते हैं,इंडस्ट्रीज डेवलपमेंट एंड कंस्ट्रक्शन के व्यवसाय से जुड़े हुए हैं। सन् 1991 में इन्होंने राजनीति में अपना कदम रखा इनका राजनीति में आने का एक मात्र उद्देश्य निःस्वार्थ भाव से सेवा करने का हैं। कथित रूप से बताया जा रहा है कि जिस समय 1992 में राम मंदिर निर्माण को लेकर कारसेवकों को मारापीटा गया पूरे भारत वर्ष की आबादी में इन लोगों का सहयोग करने के लिए कोई राजनैतिक दल सामने नहीं आया जिससे इनके मन में बड़ी पीड़ा उत्पन्न हुई तब इन्होंने देखा कि इन कारसेवकों का साथ देने के लिए केवल एक दल भाजपा समक्ष आई जिसने हिंदुओं का समर्थन करने के लिए कदम बढ़ाया। इस दौरान पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी और पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी हिन्दुओं का हौंसला बढ़ाने रथयात्रा लेकर सेक्टर 09 चौक आए जिसे देखकर भोजराज सिंहा के मन में भाजपा के प्रति गहरा प्रेम उमड़ा और इन्होंने उसी समय निश्चय किया कि मैं भी भारतीय जनता पार्टी में शामिल होकर जनसेवा करूंगा और उस वक्त से निरंतर अभी तक लगे हुए हैं। इसको याद करते हुए श्री सिंहा कथित रूप से बताते हैं कि भारत में विभिन्न राजनैतिक दल है लेकिन किसी ने भी हिंदुओं व प्रभु श्रीराम के लिए खड़े न होकर केवल खानापूर्ति की है,बस अपनी राजनीति की हैं जो मुझे अच्छी नहीं लगी। मैं जय श्री राम के नारे और प्रभु श्रीराम की जय सुनकर भाजपा का कार्यकर्ता बना यह मेरा सौभाग्य है। इनके साथ रहने वालों ने कथित तौर से जानकारी देते हुए कहा कि नेता प्रतिपक्ष रहते हुए भोजराज सिंहा ने विकास कार्य के लिए पूरा दम लगा दिया जिसके कारण अनेक वार्डों में निर्माण कार्य संभव हो पाया। नेता प्रतिपक्ष के दायित्व में रहते हुए पार्षदों के वार्डों के लिए राज्य सरकार से प्रथम बार 17 करोड़, द्वितीय में 07 करोड़ और 15वे वित्त आयोग के अंतर्गत सांसद विजय बघेल के मार्गदर्शन में लगभग 30 करोड़ की राशि स्वीकृत कराई इन ढाई साल के अंदर इतनी बड़ी राशि आबंटित करवाना कोई मजाक नहीं है जिसे हमेशा याद रखा जाएगा। निगम के तहत संचालित शहर सरकार के भ्रष्टाचार को निगम के अंदर व बाहर भी जोर-शोर से उठाया ताकि जनता के पैसे बर्बाद न हो। निगम की संपत्ति जैसे मिनी बाजार,दक्षिण गंगोत्री,खुर्शीपार पंडित दीनदयाल उपाध्याय पूरम व वार्ड 51 की रिक्त भूमि और विभिन्न भूमि की नीलामी के संबंध में माननीय न्यायालय में याचिका लगाकर फ्रीज करवाने का काम किया। शहर के अंदर में सफाई व्यवस्था में भ्रष्टाचार,पेवर ब्लॉक, डामरीकरण तथा वर्टीकल गार्डन के भ्रष्टता को लेकर लगातार विरोध करते रहते हैं जिससे उनकी छवि आमजनता व पार्टी में साफ सुथरी हैं। इसके अलावा एक और उपलब्धि यह है कि इनकी मेहनत और प्रयास के चलते इनके वार्ड को दिल्ली की टीम ने नम्बर -02 घोषित किया है।
