महासमुंद/महासमुंद जिले के ग्राम लाफिन खुर्द में दशहरा पर्व मनाने की अनूठी परंपरा लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। जहां अधिकांश स्थानों पर विजयादशमी के दिन रावण दहन किया जाता है, वहीं ग्राम लाफिन खुर्द में दशहरे के दूसरे दिन रावण दहन का आयोजन किया जाता है। गांव की यह विशिष्ट परंपरा क्षेत्र में अपनी अलग पहचान रखती है और ग्रामीणों के बीच उत्साह एवं उल्लास का वातावरण निर्मित करती है।”””दशहरे के दूसरे दिन रावण दहन की अनूठी परंपरा”””: ग्राम लाफिन खुर्द में दशहरा उत्सव का अपना अलग महत्व है। यहां दशहरे के दूसरे दिन रावण दहन का आयोजन किया जाता है, जिसमें ग्रामीण उत्साहपूर्वक शामिल होते हैं। इस अवसर पर बुराई पर अच्छाई, अधर्म पर धर्म और असत्य पर सत्य की विजय का संदेश दिया जाता है। यह आयोजन धार्मिक आस्था के साथ-साथ ग्रामीणों की एकजुटता और सामाजिक समरसता को भी प्रदर्शित करता है।”””लोकसंस्कृति और परंपराओं को सहेज रहा गांव”””: लाफिन खुर्द की यह अनूठी परंपरा गांव की सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है। पीढ़ियों से चली आ रही स्थानीय परंपराएं हमारी संस्कृति और धार्मिक मान्यताओं को जीवंत बनाए रखती हैं। बदलते समय में भी ग्रामीणों द्वारा इस परंपरा को उत्साहपूर्वक निभाना अपनी सांस्कृतिक जड़ों के प्रति उनके जुड़ाव को दर्शाता है। यही विशेषता लाफिन खुर्द के दशहरा उत्सव को अन्य स्थानों से अलग पहचान देती है।”””अशवंत तुषार साहू ने दी दशहरा पर्व की शुभकामनाएं”””: इस अवसर पर अशवंत तुषार साहू, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य, भाजपा किसान मोर्चा, छत्तीसगढ़ ने ग्राम लाफिन खुर्द के समस्त ग्रामवासियों को दशहरा पर्व की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि भारत की वास्तविक पहचान उसकी समृद्ध लोकसंस्कृति, धार्मिक आस्था और गांवों में पीढ़ियों से चली आ रही परंपराओं में बसती है। ऐसी परंपराएं समाज को एक सूत्र में बांधने के साथ-साथ नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराती हैं। उन्होंने कहा कि दशहरा केवल रावण दहन का पर्व नहीं, बल्कि अपने भीतर की बुराइयों को समाप्त कर सत्य, सदाचार और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देने वाला उत्सव है। ग्राम लाफिन खुर्द में दशहरे के दूसरे दिन रावण दहन की परंपरा क्षेत्र की विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान को दर्शाती है।”””लाफिन खुर्द की यह परंपरा बनी विशेष पहचान”””: दशहरे के दूसरे दिन रावण दहन का आयोजन ग्राम लाफिन खुर्द को क्षेत्र में एक विशिष्ट पहचान प्रदान करता है। धार्मिक आस्था, लोकसंस्कृति और सामाजिक सहभागिता से जुड़ा यह आयोजन ग्रामीण जीवन की परंपराओं की सुंदर झलक प्रस्तुत करता है। गांव की यही अनूठी परंपरा हर वर्ष दशहरा उत्सव को खास बनाती है।
