भिलाई/शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) दुर्ग भिलाई संयुक्त जिला अध्यक्ष राजू गुप्ता ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि आधुनिकता के दौर में साउंड सिस्टम डीजे की तेज आवाज से अस्पताल में भर्ती,बच्चें,बुजुर्ग,डिलेवरी, वाली महिलाएं,कमजोर दिल वाले मरीजों,की खतरे में जान,अस्पतालों में सैकड़ों की संख्या में पेशेंट की लाईन भी लगी रहती है आसपास साइलेंट जोन के बावजूद लापरवाही करते संचालक डीजे की शोर में नाचते नौनिहालों का भविष्य भी खतरे में पढ़ाई लिखाई कामकाज से बड़े होने तक क्या हमारी अगली पीढ़ी ये है हमारा भविष्य क्या कुछ वर्षों के बाद भारत ऐसा दिखाई देगा ये बच्चें अपना घर बसाएंगे अपने अपने परिवारों के मुखिया बनेंगे ये बच्चें नौकरियों पर आयेंगे जब ये बच्चें सर्विस करेंगे जब ये बच्चें हमारे देश की रक्षा करने की जिम्मेदारी इन पर दी जायेगी जब इन बच्चों के जमाने में (ऑपरेशन सिंदूर)करना पड़ेगा तो क्या ये बच्चें लड़ने के लिए जायेंगे क्या करेंगे ये बच्चें और जब इन बच्चों के साथ देश के भविष्य की कल्पना करेंगे तो आप भी डर जायेंगे जब इन्हें कोई काम(नौकरी)नहीं मिलेगा तो यें लूटपाट,मारपीट,चोरी,चैन स्नेचिंग,हत्याएँ,जैसे संगीन अपराध करेंगे म्युजिक सिस्टम की आवाज इस भीड़ में दब जाएगी आपातकालीन, सेवाएं रूक जाएंगी लोगों की समझ नहीं आयेगा की भीड़ में हो क्या रहा है आज के जो युवा अपनी बहादुरी समझ रहें हैं वही डीजे की धुन में नाचते-गाते विडियों भविष्य में उनके लिए सबसे बड़ी मुसीबत बनेंगे क्योंकि मोबाईल फोन इंटरनेट की खास बात ये है कि इंटरनेट कभी कुछ भूलता नही एक बार कोई चीज अपलोड कर दी गई वो हमेशा के लिए मौजूद रहेंगी और इन बच्चों की नौकरियों समाज में इनकी इज्जत इनके रिश्ते भविष्य में इनकी जिंदगी में कई बड़े फैसले नशें की हालत में डीजे की धुन में नाचते ये विडियों बहुत बुरा असर डालेंगे आप जरा दो, या पांच,साल वर्ष आगे की सोचिए जब ये बच्चे, नौकरियों के लिए कहीं पर इंटरव्यू के लिए जायेंगे तो उस कंपनी का टाईलेंट मेजर मेंट(एच,आर) सबसे पहले इनका बैक ग्राउंड सर्च करेंगे इनकी डीग्री से पहले इनका ये शराब के नशें में धुत्त लोगों भीड़ में डीजे मे नाचते हुए इन बच्चों का विडियों मिल जाये आज कल बैक ग्राउंड एक सामान्य प्रकिया है जब आप नौकरी के लिए जाते हैं तो सबसे पहले आपका बैक ग्राउंड चेक किया जाता है जब आप किसी युनिवर्सिटी में दाखिला लेने के लिए जाते हैं तो सबसे पहले आपका बैक ग्राउंड चेक करती है और लोगों को ये पता चलेगा कि इस तरह के जो बच्चें हैं सार्वजनिक जगहों पर नशें की हालत में डीजे साउंड सिस्टम के सामने डांस मस्ती अश्लील भाषा का प्रयोग करते हैं इनके दिमाग में इतनी गंदगी है तो कोई भी व्यक्ति ऐसे किसी लड़के या लड़की को अपना पार्टनर नहीं बनाना चाहेगा गरीब माता पिता मेहनत मजदूरी करके अपने बच्चों को अच्छे से अच्छे स्कूलों पढ़ाई में लाखों खर्च कर रहे हैं यही दिन देखने के लिए लोग यही सोचेगें जो बच्चा जो युवा, अपनी भावनाओं पर नियंत्रण नहीं रख सकता अपने फैसलों पर उसका कोई कंट्रोल नहीं वो आगे चलकर कैसे कर्मचारी, बनेंगा आगे चलकर कैसा प्रोफेसर,बनेंगा आगे चलकर कैसा जीवन साथी बनेगा आगे चलकर वो कैसे माता,पिता,बनेंगे ये आप खुद सोचिए डीजे के धुन नशें की हालत में नाचते अश्लील भाषा गाली गलौज करते ये बच्चें स्कूलों में पढ़ाई करते ये बच्चें परीक्षा में पास भी कर लेते हैं और ये शिक्षक,डाँक्टर बन गये। इंजिनीयर,पुलिस,अफसर बन गए तो आप सोचिये ये क्या करेंगे इन्हीं में से कोई डाँक्टर,बना तो आप अपना इलाज कराने के लिए लड़के या लड़की के पास चले गये तो ये आपका क्या इलाज करेंगे और आपके बारे मे उस समय क्या सोच रहा होगा इसके दिमाग में उस समय कितनी गंदगी होगी आप इसकी कल्पना करके देखिये।
