दुर्ग/वर्षा ऋतु के दौरान वेक्टर जनित बीमारियों, विशेषकर डेंगू के खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम की संयुक्त टीमों द्वारा रोकथाम एवं नियंत्रण के उपाय तेज कर दिए गए हैं। हाल ही में भिलाई के सेक्टर-7 क्षेत्र में डेंगू का एक संभावित मामला सामने आया था। मरीज को बीते 4 अगस्त को बुखार की शिकायत के बाद श्री शंकराचार्य अस्पताल जूनवानी में भर्ती कराया गया था। 8 अगस्त 2026 को एलिसा टेस्ट रिपोर्ट में डेंगू की पुष्टि होने के बाद मरीज का त्वरित उपचार किया गया। वर्तमान में मरीज की स्थिति सामान्य है और उन्हें अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनोज दानी के मार्गदर्शन तथा जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. रश्मि ग्लैड एवं जिला सर्वेलेंस अधिकारी डॉ. सी.बी.एस. बंजारे के नेतृत्व में प्रभावित क्षेत्र में सघन नियंत्रण अभियान चलाया गया। इसके तहत जनस्वास्थ्य विभाग, नगर निगम भिलाई और स्वास्थ्य विभाग दुर्ग के अमले द्वारा प्रभावित क्षेत्रों में घर-घर जाकर एंटी-लाफिंग/एंटी-लार्वा ऑपरेशन चलाया जा रहा है। इसमें कूलर, पानी की टंकियों और जमा पानी में टेमिफास डालकर एडिज मच्छर के लार्वा को नष्ट किया जा रहा है। इसके साथ ही वयस्क मच्छरों को खत्म करने के लिए कीटनाशक मैलिथियान का छिड़काव किया जा रहा है और सुबह 5 से 7 बजे तथा शाम 5 से 8 बजे के बीच फागिंग का कार्य किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने आम जनता से डेंगू से बचाव के लिए आवश्यक सावधानियां बरतने की अपील की है। विभाग ने नागरिकों से आग्रह किया है कि वे अपने घर, छत और आसपास साफ-सफाई बनाए रखें तथा पानी जमा न होने दें। सप्ताह में कम से कम एक दिन ’ड्राय डे’ मनाएं और जल-जमाव वाले बर्तनों व कूलरों की सफाई करें। मच्छरों से बचाव के लिए पूरी बाँह के कपड़े पहनने, मच्छरदानी का प्रयोग करने और बुखार या डेंगू के लक्षण दिखने पर बिना डॉक्टर की सलाह के खुद दवा न लेकर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में संपर्क करने की सलाह दी गई है।
