भिलाई/छत्तीसगढ़ के पूर्व राज्य मंत्री बदरुद्दीन कुरैशी ने, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस महान स्वतंत्रता सेनानी, जनकवि एवं समाज जागरण के अग्रदूत बाबा कांशीराम तथा प्रख्यात विद्यापीठ स्वतंत्रता आंदोलन के समर्थक और पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष चेटटूर शंकरन नायर की जयंती पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित। बाबा कांशीराम का जन्म 11 जुलाई 1882 को हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा क्षेत्र में हुआ था। उन्हें ‘ पहाड़ी गांधी’ के नाम से भी जाना जाता है । उन्होंने अपनी कविताओं और जन जागरण के माध्यम से अंग्रेजी शासन के विरुद्ध लोगों में राष्ट्रीय चेतना का संचार किया । उन्होंने स्वतंत्र आंदोलन में सक्रिय भाग लिया और अपना संपूर्ण जीवन देश समाज तथा जन सेवा के लिए समर्पित किया । उनके विचार आज भी सामाजिक, समानता, देशभक्ति और जनकल्याण के बीच प्रेरणा स्रोत है । इसी अवसर पर चेटटूर शंकरन नायर उनका जन्म 11 जुलाई 1857 को केरल में हुआ था । वह एक प्रतिष्ठित, न्यायविद, शिक्षाविद और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के 1897 के अध्यक्ष रहे । उन्होंने ब्रिटिश शासन की अन्यायपूर्ण नीतियों का निर्भीक होकर विरोध किया। 1919 के जलियांवाला बाग हत्याकांड के बाद उन्होंने वायसराय की कार्यकारिणी परिषद से इस्तीफा देकर ब्रिटिश सरकार के विरुद्ध अपना स्पष्ट और साहसिक विरोध दर्ज कराया । उनका सार्वजनिक जीवन न्याय, संवैधानिक मूल्य और राष्ट्रीय हित के प्रति समर्पण का उत्कृष्ट उदाहरण है। कांग्रेस पार्टी के दोनों महान विभूतियों के राष्ट्र निर्माण, लोकतांत्रिक मूल्यों, सामाजिक न्याय और स्वतंत्रता के लिए दिए गए अमूल्य योगदान को नमन करती है। उनके आदर्श हमें संविधान की रक्षा, सामाजिक सद्भाव, समानता और जन सेवा के मार्ग पर निरंतर आगे बढ़ाने की प्रेरणा देते रहेंगे।
