भिलाई/छत्तीसगढ़ के पूर्व राज्यमंत्री बदरुद्दीन कुरैशी ने, महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, राष्ट्रसेवक एवं कुशल प्रशासक पंडित गोविंद बल्लभ पंत की जयंती पर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन । पंडित गोविंद बल्लभ पंत का जीवन राष्ट्रसेवा, त्याग, संघर्ष और जनकल्याण के लिए समर्पित रहा। 10 सितंबर 1887 को अल्मोड़ा के खुंट गांव में जन्मे पंडित पंत ने स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई और ब्रिटिश शासन के विरुद्ध संघर्ष किया। वे संयुक्त प्रांत (वर्तमान उत्तर प्रदेश) के प्रमुख नेताओं में रहे और स्वतंत्रता के बाद उत्तर प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री के रूप में प्रदेश के विकास एवं प्रशासन को नई दिशा दी।
पंडित गोविंद बल्लभ पंत ने देश की एकता, लोकतांत्रिक मूल्यों और सामाजिक विकास के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया। बाद में उन्होंने भारत के गृह मंत्री के रूप में भी अपनी सेवाएं दीं और राष्ट्र की एकता एवं प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। राष्ट्र के प्रति उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए वर्ष 1957 में उन्हें भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘भारत रत्न’ से सम्मानित किया गया। 7 मार्च 1961 को उनका निधन हुआ। उनका अनुशासित, राष्ट्रनिष्ठ और जनसेवा से प्रेरित जीवन आज भी देशवासियों के लिए प्रेरणास्रोत है। उनकी जयंती पर हम उनके आदर्शों और राष्ट्रसेवा के संकल्प को स्मरण करते हुए उन्हें कोटि-कोटि नमन करते हैं।
