रायपुर/गरियाबंद जिले के मैनपुर विकासखंड में देहारगुड़ा और खामभाठा के बीच पैरी नदी पर बन रहा करीब 300 मीटर लंबा पुल लगभग छह वर्षों से अधूरा पड़ा है। बारिश के दौरान नदी का जलस्तर बढ़ने पर स्कूली बच्चों को अधूरे पुल के पिलर से लगी करीब 20 फीट ऊंची लोहे की सीढ़ी के सहारे जान जोखिम में डालकर स्कूल जाना पड़ रहा है। बच्चों की सुरक्षा से जुड़ी इस गंभीर स्थिति को लेकर छत्तीसगढ़ उर्दू अकादमी के अध्यक्ष इदरीस गांधी ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को पत्र लिखकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। इदरीस गांधी ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि पुल का निर्माण पूरा होने तक स्कूली बच्चों के लिए तत्काल सुरक्षित वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था की जाए। अधूरे पुल से निकले लोहे के सरिए, ऊंची और फिसलन भरी सीढ़ी तथा नीचे बहती तेज नदी के कारण बच्चों की आवाजाही बेहद जोखिमपूर्ण बनी हुई है। ऐसी स्थिति में किसी भी समय गंभीर हादसा होने की आशंका बनी हुई है।उन्होंने पुल निर्माण कार्य को भी समयबद्ध तरीके से पूरा कराने की मांग की है, ताकि क्षेत्र के बच्चों को स्कूल जाने के लिए अपनी जान जोखिम में न डालनी पड़े।इस पूरे मामले के वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद यह केवल स्थानीय समस्या नहीं रह गई है, बल्कि बच्चों की सुरक्षा और क्षेत्र के विकास से जुड़ा गंभीर विषय बन गया है।
