करोड़ो का खर्चा कराकर लाखो की भीड़ जुटाने वाले पंडित प्रदीप मिश्रा शिवपुराण की कथा सुना कर चल दिये।लाखो की भीड़ ने कभी ये सोचने की जहमत नही उठाई कि भगवान भोलेनाथ की कथा सुनाने वाले भगवताचार्य पंडित प्रदीप मिश्रा ने अपने व्यासपीठ से सनातन का झंडा उठाकर हिन्दुस्तान को हिन्दु राष्ट्र बनाने का आह्वान नही किया,क्यो?भिलाई मे हुई शिवपुराण की कथा मे पंडाल से लेकर भोजन भंडारे,निगम सफाई कर्मचारी,पुलिस जवानो का ही बजट लगभग पांच करोड का गया होगा। इसके बाद कथावाचक की भी दक्षिणा का समावेश दया सिंह को करना पडेंगा।आखिर करोड़ो खर्च के बाद भी इस्पात नगरी के लोग भारत माता की जय और हिन्दुस्तान जिन्दाबाद सुनाने के लिए तरस गये।इतनी राशि आई कहां से? सात दिन की कथा मे लाखो की भीड़ ने दया सिंह को विधायक की कुर्सी का मोह जरुर करा दिया।भक्त जनो की भीड़ मे दया सिंह ने अपने वोटरो की मुंडी तलाशने का काम भी बखूबी किया।लेकिन बेचारे भक्त गणो को भजन कीर्तन और भंडारे के रसास्वांदन के साथ-साथ लाठीचार्ज का भी रसास्वांदन करने को मिला।भिलाई की जनता काफी कशमकश मे है कि आखिर किस विधान सभा की कुर्सी पर दया सिंह विराजमान होगे।विधान सभा चुनाव के पूर्व ही राजनीति कुरूक्षेत्र का कुछ दृश्य भिलाई के साथ साथ छत्तीसगढ की जनता को भी देखने के लिए मिलेगा।खैर राजनीति का गलियारा चाहे कुछ भी बोले लेकिन आजकल कका और दुलरूवा बेटा के बीच मे एक अलग ही शीत युद्ध चलत है।
जय हिंद जय भारत जय छत्तीसगढ(संतोष तिवारी,
निष्पक्ष कलम,लेखक भिलाई के वरिष्ठ पत्रकार है)
