दुर्ग/छत्तीसगढ़ राज्य के रजत उत्सव के तहत् नवा रायपुर में 23 से 25 जनवरी 2026 तक साहित्य उत्सव का आयोजन,दुर्ग जिले की साहित्यिक यात्रा पर परिचर्चा का हुआ आयोजन,छत्तीसगढ़ की समृद्ध परंपरा है, जिसकी विशिष्ट पहचान है- शशांक शर्मा

दुर्ग/छत्तीसगढ़ राज्य के रजत उत्सव के तहत नवा रायपुर में 23 से 25 जनवरी 2026 को तीन दिवसीय साहित्य उत्सव का आयोजन होने जा रहा है। इस आयोजन के संबंध में साहित्य अकादमी छत्तीसगढ़ एवं दुर्ग जिला हिन्दी साहित्य समिति के संयुक्त तत्वावधान में विगत 14 दिसंबर 2025 रविवार को आर्शीवाद भवन पदमनाभपुर में दुर्ग जिले की साहित्यिक यात्रा विषय पर परिचर्चा का आयोजन किया गया। इस परिचर्चा में अविभाजित दुर्ग जिले के समस्त वरिष्ठ साहित्यकार सम्मिलित हुए। परिचर्चा के दौरान साहित्यकारों ने दुर्ग जिला गठन 1906 से लेकर जिले के विभाजनकाल एवं अब तक की साहित्यिक यात्रा पर विस्तारपूर्वक प्रकाश डाला। आयोजन के मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष शंशाक शर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ की समृद्ध परंपरा है, जिसमें राजनीति से लेकर साहित्य एवं संस्कृति की विशिष्ट पहचान है। छत्तीसगढ़ को बने अभी 25 वर्ष हुए है। छत्तीसगढ़ की इस विशिष्ट पहचान को साहित्य के साथ विकसित राज्य के रूप में प्रदर्शित करने राज्य के रजत उत्सव के दौरान साहित्य उत्सव का भी आयोजन 23 से 25 जनवरी 2026 तक किया जा रहा है। इस उत्सव को संपूर्ण छत्तीसगढ़ का उत्सव बनाना है। श्री शर्मा ने दुर्ग जिले के सभी साहित्यकारों को उत्सव में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करने की अपील की। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ का साहित्य यहां की पुरातन संस्कृति की गौरव गाथा है। पुरातन साहित्य का संरक्षण करते हुए इसका पुनः प्रकाशन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पुरखों के साहित्य को नई पीढ़ी तक कैसे हस्तांतरित करें? इसलिए इस उत्सव का स्वरूप आदि से अनादि तक दिया गया है। परिचर्चा में पंकज झा ने सभी साहित्यकारों को इस साहित्य उत्सव का आमंत्रण स्वीकार करने की अपील की। इस अवसर पर जिले के वरिष्ठ साहित्यकार निर्वाण तिवारी और श्रीमती नलनी श्रीवास्तव को आयोजन समिति की ओर से साल एवं श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया गया। परिचर्चा में शामिल वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. परदेशीराम वर्मा, रवि श्रीवास्तव, डॉ देवकुमार मंडरिक, गुलबीर सिंह भाटिया, श्रीमती सरला शर्मा, अरूण निगम डीपी देशमुख,राकेश गुप्ता और श्री बलदाऊ राम साहू ने भी दुर्ग जिले की साहित्यिक यात्रा पर अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम के अंत में साहित्यकार डॉ. संजय दानी ने सफल आयोजन के लिए आभार प्रदर्शन किया।

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